Ranchi News: पीएलएफआई के रीजनल कमांडर रवींद्र गंझू के दस्ते से जुड़े दो आरोपियों को अदालत ने साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया है। एसडीजेएम रूपम स्मृति टोपनो की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। दोनों आरोपियों की ओर से डालसा के एलएडीसी वीरेंद्र प्रताप ने पक्ष रखा। रिहा किए गए आरोपियों में मुनेश्वर गंझू उर्फ बितन गंझू उर्फ मुंशी जी और शीतल मोची उर्फ शीतल राम उर्फ शीतल रविदास शामिल हैं। दोनों को होटवार स्थित केंद्रीय कारा से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया।
2022 में कंस्ट्रक्शन साइट पर हुआ था हमला
मामला मैक्लुस्कीगंज थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, 2 अक्टूबर 2022 की रात करीब 11:30 बजे 10 से 15 हथियारबंद उग्रवादी बुध बाजार चट्टी नदी के पास स्थित केईसी कंस्ट्रक्शन साइट में घुस गए थे। आरोप है कि उग्रवादियों ने साइट पर खड़ी एक जेसीबी मशीन में आग लगा दी थी। इसके बाद वहां पीएलएफआई के रीजनल कमांडर रवींद्र गंझू के नाम से एक पर्चा भी छोड़ा गया था।
लेवी नहीं देने पर दी गई थी कार्रवाई की धमकी
पुलिस के मुताबिक, पर्चे में संगठन को लेवी दिए बिना और अनुमति के काम करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। घटना के बाद मैक्लुस्कीगंज थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
मामले में आरोपियों पर लेवी वसूली के लिए हिंसक और विध्वंसक गतिविधि में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। हालांकि, सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष आरोपों को पर्याप्त साक्ष्यों के साथ साबित नहीं कर सका। अदालत ने साक्ष्य के अभाव में दोनों आरोपियों को मामले से रिहा कर दिया।