Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-06-14

Bengal Politics: दिल्ली में बागी सांसदों संग सुवेंदु अधिकारी की अहम बैठक, स्पीकर से मुलाकात से पहले तय होगी आगे की रणनीति

Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है. तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों और मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के बीच रविवार को दिल्ली में अहम बैठक होने जा रही है. इस बैठक को इसलिए भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अगले दिन लोकसभा स्पीकर के साथ भी मुलाकात प्रस्तावित है. ऐसे में बागी खेमे की अगली राजनीतिक दिशा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं.
स्पीकर से मुलाकात से पहले रणनीति पर होगा मंथन
जानकारी के मुताबिक, सुवेंदु अधिकारी रविवार को दिल्ली पहुंचकर टीएमसी के बागी नेताओं के साथ बैठक करेंगे. माना जा रहा है कि सोमवार को लोकसभा स्पीकर के साथ प्रस्तावित मुलाकात से पहले सभी सांसद अपनी रणनीति को अंतिम रूप देंगे और आगे की राजनीतिक कार्रवाई पर चर्चा करेंगे.

राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है. माना जा रहा है कि इस बातचीत के बाद बागी सांसदों के अगले कदम की तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है. चर्चाओं के बीच वरिष्ठ नेता संदीप बंदोपाध्याय के भी इस प्रक्रिया से जुड़ने की संभावना जताई जा रही है.

19 बागी नेताओं के नाम को लेकर बढ़ी सियासी चर्चा
तृणमूल कांग्रेस के जिन 19 नेताओं के नाम बागी खेमे से जोड़े जा रहे हैं, उनमें काकोली घोष दस्तीदार, सायोनी घोष, रचना बनर्जी, शताब्दी रॉय, बापी हलदर, डॉ शर्मिला सरकार, प्रसून बंद्योपाध्याय, जगदीश बर्मा बसुनिया, असित कुमार मल, अरूप चक्रवर्ती, खलीलुर्रहमान, अबू ताहिर खान, यूसुफ पठान, मिताली बैग, माला रॉय, कालीपद सोरेन, दीपक अधिकारी, जून मालिया और पार्थ भौमिक शामिल हैं. 
इन नामों के सामने आने के बाद राज्य की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है.

क्या बीजेपी किसी बड़े राजनीतिक समीकरण पर काम कर रही है
इन घटनाक्रमों को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों के बीच कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं. कुछ जानकारों का मानना है कि इसके पीछे भारतीय जनता पार्टी की बड़ी राजनीतिक रणनीति भी हो सकती है.

विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिम बंगाल में अपनी स्थिति मजबूत करने के बाद बीजेपी अब राष्ट्रीय स्तर पर भी तृणमूल कांग्रेस के प्रभाव को चुनौती देने की कोशिश कर सकती है. ऐसे में बागी सांसदों के साथ बढ़ती नजदीकियों और लगातार हो रही बैठकों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष ने बढ़ाई टीएमसी की मुश्किलें
इस बीच तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष और आंतरिक चुनौतियों को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं. पार्टी पहले से कई राजनीतिक मोर्चों पर दबाव का सामना कर रही है और बागी नेताओं की सक्रियता ने उसके सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. विपक्षी दलों के साथ-साथ राजनीतिक जानकार भी इन घटनाक्रमों को पश्चिम बंगाल और राष्ट्रीय राजनीति के लिए अहम मान रहे हैं.

अब दिल्ली की बैठकों पर टिकी हैं सबकी नजर
रविवार को होने वाली बैठक और उसके बाद सोमवार को लोकसभा स्पीकर के साथ प्रस्तावित मुलाकात को लेकर राजनीतिक हलकों में उत्सुकता बनी हुई है. माना जा रहा है कि इन बैठकों के बाद बागी खेमे की रणनीति और पश्चिम बंगाल की राजनीति में आगे होने वाले घटनाक्रम की दिशा काफी हद तक स्पष्ट हो सकती है.


दिल्ली में होने वाली बैठकों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को नया मोड़ दे दिया है. बागी सांसदों की गतिविधियों और संभावित राजनीतिक समीकरणों पर सभी की नजरें टिकी हैं. आने वाले दिनों में लिए जाने वाले फैसले न केवल तृणमूल कांग्रेस बल्कि राज्य और राष्ट्रीय राजनीति के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं.
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !