Jamshedpur News: जमशेदपुर के कदमा में साढ़े तीन साल के बच्चे की अभिरक्षा को लेकर चल रहे विवाद में अब पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आ गया है. जमशेदपुर पुलिस ने प्रेस ब्रीफ जारी कर स्पष्ट किया है कि 18 अगस्त को कदमा थाना क्षेत्र में की गई पूरी कार्रवाई झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में की गई थी.
हाईकोर्ट के निर्देश पर हुई कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, माननीय झारखंड हाईकोर्ट, रांची ने बच्चे और उसके पिता को 19 अगस्त 2026 को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था. इसी आदेश का पालन करते हुए कदमा थाना पुलिस ने विधि-सम्मत और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की. पुलिस ने कहा कि पूरी कार्रवाई कानूनी प्रक्रिया के तहत और पूर्ण निष्ठा के साथ की गई.
मंगलवार को विजया हैरिटेज में हुआ था विवाद
मंगलवार दोपहर कदमा थाना क्षेत्र स्थित विजया हैरिटेज अपार्टमेंट में पुलिस टीम बच्चे को लेने पहुंची थी. इस दौरान बच्चे के पिता आनंद प्रसाद की अधिवक्ता शिवांगी मिश्रा भी मौके पर पहुंचीं. उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा था कि बच्चे की कस्टडी का मामला पहले से न्यायालय में विचाराधीन है. अधिवक्ता का दावा था कि पुलिस के पास न तो कोई नोटिस था और न ही बच्चे को ले जाने के लिए न्यायालय का आदेश. इसी मुद्दे को लेकर पुलिस और अधिवक्ता के बीच काफी देर तक बहस हुई थी.
पुलिस ने मीडिया कवरेज पर भी जताई आपत्ति
प्रेस ब्रीफ में पुलिस ने कहा कि कुछ मीडिया संस्थानों ने घटना के वीडियो और समाचार ऐसे तरीके से प्रस्तुत किए, जिससे पूरे घटनाक्रम का वास्तविक कानूनी परिप्रेक्ष्य सामने नहीं आ पाया. पुलिस ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि कार्रवाई हाईकोर्ट के निर्देश के तहत की गई थी.
संवेदनशील मामलों में जिम्मेदारी की अपील
जमशेदपुर पुलिस ने सभी मीडिया संस्थानों से अपील की है कि नाबालिग बच्चों से जुड़े संवेदनशील मामलों में समाचार प्रसारित करने से पहले तथ्यों का समुचित सत्यापन करें. साथ ही पूरे घटनाक्रम और उसके कानूनी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जिम्मेदारी और निष्पक्षता के साथ रिपोर्टिंग करें. पुलिस ने कहा कि वह सदैव माननीय न्यायालयों के आदेशों का सम्मान करते हुए कानून के अनुरूप कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है.