Jadugoda: जादूगोड़ा में यूसील अस्पताल चौक से जादूगोड़ा मोड़ तक मुख्य सड़क की साफ-सफाई बीते लगभग दस दिनों से पूरी तरह ठप पड़ी है। पूर्व ठेकेदार दीपक अग्रवाल का टेंडर समाप्त होने के बाद अब तक नया वर्क ऑर्डर जारी नहीं होने के कारण सड़क पर कचरे का अंबार लग गया है। जगह-जगह जमा गंदगी से दुर्गंध फैल रही है, वहीं कीड़े-मकोड़ों की बढ़ती संख्या से स्थानीय लोगों में बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
करीब छह ठेका कर्मी हुए बेरोजगार
टेंडर समाप्त होने के साथ ही दीपक अग्रवाल के यहां कार्यरत करीब छह ठेका कर्मी बेरोजगार हो गए हैं, जिससे उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इधर, यूसील प्रबंधन ने सफाई कार्य का नया टेंडर मुखी समाज विकास समिति को दिया है, लेकिन अब तक वर्क ऑर्डर जारी नहीं होने के कारण काम शुरू नहीं हो सका है। समिति के टिकिमुखी ने बताया कि कंपनी द्वारा उनका टेंडर सबसे कम दर का घोषित किया गया था, बावजूद इसके आदेश नहीं मिलने से कार्य लंबित है।
स्थानीय ग्रामीणों ने की मांग
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मुख्य सड़क की समुचित और प्रभावी सफाई के लिए कम से कम दस मजदूरों की आवश्यकता है। वर्तमान व्यवस्था में सड़क किनारे की नियमित सफाई नहीं हो पा रही है, जिससे सफाई पर खर्च होने के बावजूद अपेक्षित परिणाम नहीं मिल रहे हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि सड़क किनारे लगे अधिकांश डस्टबिन जर्जर अवस्था में हैं और आकार में छोटे होने के कारण कचरा बाहर ही फेंक दिया जाता है। लोगों ने डस्टबिन की मरम्मत तथा नए डस्टबिन लगाए जाने की मांग की है।
स्थानीय लोगों में बढ़ती नाराजगी
उधर, अग्रसेन भवन समिति ने यूसील प्रबंधन से जादूगोड़ा यूसील डैम स्थित मुक्तिधाम में स्थायी सफाई कर्मी की नियुक्ति की मांग की है। समिति का कहना है कि दाह संस्कार के समय गंदगी के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालांकि यूसील के डीजीएम (पर्सनल) राकेश कुमार द्वारा मुक्तिधाम का निरीक्षण किया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।