क्या है पूरा मामला
मामला मानगो क्षेत्र का है, जहाँ एक मजदूर अपने ठेले पर क्षमता से अधिक वजन लादकर चढ़ाई की ओर बढ़ने का संघर्ष कर रहा था। सामान इतना भारी था कि ठेला आगे बढ़ने के बजाय पीछे की ओर खिसक रहा था। राहगीर पास से गुजर रहे थे, लेकिन तभी ड्यूटी पर तैनात मानगो ट्रैफिक पुलिस के ASI राकेश कुमार सिंह की नजर उस बेबस मजदूर पर पड़ी।
मदद के लिए बढ़े हाथ
मजदूर को हांफते और संघर्ष करते देख ASI राकेश कुमार सिंह ने बिना एक पल गंवाए अपनी सीधे ठेले के पीछे जा खड़े हुए। उन्होंने खुद अपने हाथों से ठेले को धक्का देना शुरू किया और तब तक मदद की जब तक ठेला सुरक्षित रास्ते पर नहीं आ गया।पुलिस का काम सिर्फ कानून व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि नागरिकों की सेवा करना भी है। उस वक्त वह मजदूर काफी तकलीफ में था, इसलिए मैंने बस एक इंसान होने के नाते उसकी मदद की। ASI राकेश कुमार सिंह
सोशल मीडिया पर हो रही सराहना
वहां मौजूद कुछ लोगों ने इस मंजर को अपने कैमरे में कैद कर लिया, जिसके बाद यह खबर पूरे शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोगों का कहना है कि अगर हर पुलिसकर्मी राकेश कुमार सिंह की तरह संवेदनशील हो जाए, तो जनता और पुलिस के बीच की दूरी पूरी तरह खत्म हो जाएगी। यह घटना हमें याद दिलाती है कि मानवता सबसे बड़ा धर्म है, और खाकी वर्दी के भीतर भी एक धड़कता हुआ कोमल दिल होता है।