Jamshedpur: टाटा स्टील वर्ष 2028 तक जमशेदपुर में करीब ₹10 हजार करोड़ का निवेश करेगी। यह जानकारी कंपनी के एमडी सह सीईओ टीवी नरेंद्रन ने दी। गुरुवार को नए साल के अवसर पर केक कटिंग के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कंपनी की भविष्य की योजनाओं का विस्तृत खाका पेश किया।
टीवी नरेंद्रन ने बताया कि टाटा स्टील वर्तमान में कांबी मिल की स्थापना कर रही है, जिस पर करीब ₹2 हजार करोड़ का निवेश किया जाएगा। इसके साथ ही टिनप्लेट कंपनी ऑफ इंडिया के विस्तारीकरण का कार्य भी प्रगति पर है, जिसमें लगभग ₹2 हजार करोड़ खर्च होंगे।
उन्होंने कहा कि जमशेदपुर प्लांट में जल्द ही ब्लास्ट फर्नेस में ईज़ी मेल्ट टेक्नोलॉजी लगाई जाएगी। यह तकनीक जर्मनी की कंपनी एसएमएस के सहयोग से स्थापित की जाएगी, जिस पर ₹2 से 3 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। इस तकनीक के इस्तेमाल से कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी और कोयले की खपत 30 से 40 प्रतिशत तक घटेगी।
इसके अलावा ई-ब्लास्ट फर्नेस की रीलाइनिंग का काम भी शुरू किया जाएगा।
जमशेदपुर में लगेगा हिसरना तकनीक आधारित नया प्लांट
टीवी नरेंद्रन ने बताया कि टाटा स्टील जमशेदपुर में नई तकनीक हिसरना पर आधारित प्लांट भी स्थापित करेगी। वर्तमान में इस तकनीक का पायलट प्लांट नीदरलैंड में है, जिसकी क्षमता 60 हजार टन प्रति वर्ष है। जमशेदपुर में प्रस्तावित प्लांट की क्षमता 6 हजार टन प्रति वर्ष होगी। इस परियोजना पर भी ₹2 से 3 हजार करोड़ रुपये निवेश किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि टाटा स्टील का जमशेदपुर प्लांट लगभग 1800 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और इतनी कम जमीन में 11 मिलियन टन से अधिक उत्पादन देश में शायद ही कहीं और होता हो।
डिजिटल और एआई पर भी फोकस
एमडी ने कहा कि कंपनी डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर तेजी से काम कर रही है। अब तक करीब 500 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल विकसित किए जा चुके हैं, जिनका उपयोग मार्केटिंग, सेल्स और सप्लाई चेन को बेहतर बनाने में किया जा रहा है।
कार्बन टैक्स और नेट जीरो लक्ष्य
टीवी नरेंद्रन ने कार्बन टैक्स लगाने की पहल को सराहनीय बताया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने 2070 तक नेट जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य रखा है और कार्बन टैक्स से कंपनियों पर उत्सर्जन कम करने का दबाव बनेगा।
उत्पादन और वैश्विक प्रतिस्पर्धा
उन्होंने बताया कि टाटा स्टील में प्रति कर्मचारी औसतन 1000 टन स्टील उत्पादन होता है, जबकि वैश्विक स्तर पर पोस्को जैसी कंपनियां 2000 टन प्रति कर्मचारी उत्पादन कर रही हैं। इस दिशा में कंपनी लगातार सुधार पर काम कर रही है।
सेफगार्ड ड्यूटी से राहत, चीन बनी चुनौती
टीवी नरेंद्रन ने कहा कि भारत सरकार द्वारा स्टील आयात पर लगाई गई सेफगार्ड ड्यूटी को 31 दिसंबर को तीन साल के लिए बढ़ा दिया गया है, जिससे घरेलू कंपनियों को राहत मिली है। हालांकि, चीन से आने वाली चुनौती अब भी बनी हुई है, जिसके कारण भारत का स्टील निर्यात प्रभावित हुआ है और घरेलू बाजार पर निर्भरता बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि टाटा स्टील वर्तमान में सालाना करीब ₹12 हजार करोड़ का निवेश कर रही है, जो देश की औद्योगिक मजबूती में अहम भूमिका निभा रहा है।
डाउनस्ट्रीम और तकनीकी निवेश जारी रहेगा
कंपनी आने वाले समय में डाउनस्ट्रीम प्लांट्स और नई तकनीकों में निवेश की प्रक्रिया को और तेज करेगी।