Jharkhand News: झारखंड में बिजली उपयोग करना आने वाले दिनों में और महंगा पड़ सकता है. झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2026 से 2027 के लिए बिजली दरों में भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया है. निगम ने घरेलू उपभोक्ताओं सहित सभी श्रेणियों की दरों में लगभग 50 फीसदी तक इजाफे का सुझाव दिया है. अब यह प्रस्ताव राज्य विद्युत नियामक आयोग के पास विचार के लिए भेजा गया है. अगर इसे मंजूरी मिलती है तो राज्य के उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में काफी अधिक बिल चुकाना होगा.
वर्तमान में हैं 6.85 रुपये प्रति यूनिट
वर्तमान स्थिति में शहरी उपभोक्ताओं को 6.85 रुपये प्रति यूनिट और ग्रामीण उपभोक्ताओं को 6.70 रुपये प्रति यूनिट का भुगतान करना होता है. यह दर एक मई 2025 से लागू है. नये प्रस्ताव के तहत घरेलू श्रेणी की दर को बढ़ाकर लगभग 10 रुपये प्रति यूनिट करने की बात कही गई है.
गौर करने वाली बात यह है कि पिछले वर्ष भी निगम ने लगभग 40 फीसदी वृद्धि का प्रस्ताव रखा था लेकिन आयोग ने केवल 6.34 फीसदी बढ़ोतरी को ही स्वीकृति दी थी. इस बार भी अंतिम निर्णय आयोग के अध्ययन पर निर्भर करेगा. यदि प्रस्ताव का अधिकांश हिस्सा मंजूर हो जाता है तो लाखों उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय है.
राज्य में बिजली दरों में संभावित बढ़ोतरी वित्तीय प्रबंधन और वितरण तंत्र की पुरानी चुनौतियों को उजागर करती है. निगम की ओर से लगातार बड़ी वृद्धि का प्रस्ताव यह दिखाता है कि राजस्व संग्रह और तकनीकी नुकसान पर काबू पाने की कोशिशें पर्याप्त नहीं हो पा रही हैं. आयोग पिछले वर्षों में प्रस्तावित वृद्धि को कम करता आया है और इस बार भी जनहित को देखते हुए संतुलन बनाने की कोशिश की जाएगी. उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ बढ़ने की आशंका के बीच यह सवाल भी महत्वपूर्ण है कि क्या सेवाओं की गुणवत्ता और आपूर्ति की स्थिरता में समान अनुपात में सुधार होगा या नहीं.