National Political News: कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हरियाणा चुनाव में बड़े स्तर पर वोट चोरी का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने हरियाणा में चुनाव परिणाम पलटने के लिए संगठित तरीके से फर्जी वोट डलवाए. राहुल ने दावा किया कि हरियाणा में 25 लाख से अधिक वोट चोरी हुए हैं और यह सिर्फ एक राज्य का मामला नहीं है बल्कि महाराष्ट्र, कर्नाटक और मध्य प्रदेश में भी इसी तरह की अनियमितताएं हुई हैं.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने एक युवती की तस्वीर दिखाते हुए कहा कि वह ब्राजील की मॉडल है और हरियाणा में अलग-अलग नाम से 22 बार वोट डाल चुकी है. उन्होंने कहा कि इस युवती के नाम से 22 वोटर आईडी कार्ड बनाए गए. कहीं इसे सीमा तो कहीं स्वीटी कहा गया. राहुल का दावा है कि यह एक उदाहरण है, जबकि गड़बड़ी लाखों वोटों में हुई है.
राहुल गांधी ने कहा कि हरियाणा में पांच श्रेणियों में वोट चोरी हुई है. उनके अनुसार 5 लाख 21 हजार 619 डुप्लीकेट वोटर पाए गए. 93 हजार 174 ऐसे पते मिले जो अमान्य थे. करीब 19 लाख 26 हजार 351 बल्क वोटर मिले. इसके अलावा फॉर्म 6 और 7 का दुरुपयोग भी किया गया. राहुल ने कहा कि यह कोई स्थानीय स्तर की गलती नहीं बल्कि एक केंद्रीकृत साजिश है जो लोकतंत्र को कमजोर करने के उद्देश्य से की गई.
राहुल ने कहा कि हमारे पास फाइलें हैं जिनमें स्पष्ट है कि पूरे राज्य के डेटा के साथ छेड़छाड़ की गई. हमें हरियाणा में उम्मीदवारों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं. हमने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में भी इस तरह की शिकायतें देखी थीं लेकिन हरियाणा में मामले को विस्तार से जांचने का फैसला किया.
उन्होंने कहा कि सभी एग्जिट पोल कांग्रेस की जीत दिखा रहे थे लेकिन नतीजे उलट आए. पहली बार हरियाणा में पोस्टल वोटिंग और वास्तविक मतदान में बड़ा अंतर देखने को मिला. राहुल ने मुख्यमंत्री नायब सैनी के एक पुराने बयान का भी जिक्र किया जिसमें उन्होंने कहा था कि हमारी सरकार बन रही है, व्यवस्था हो चुकी है. राहुल का दावा है कि हरियाणा की मतदाता सूची में आठ में से एक मतदाता फर्जी है और एक ही फोटो का इस्तेमाल कर दो बूथों पर 223 वोट डाले गए. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि साक्ष्य मिटाने के लिए सीसीटीवी फुटेज नष्ट कर दी गई.
कांग्रेस नेता ने कहा कि यह मामला सिर्फ हार या जीत का नहीं बल्कि लोकतंत्र की विश्वसनीयता का है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को स्पष्टीकरण देना होगा और देश को भरोसा दिलाना होगा कि चुनाव प्रणाली सुरक्षित है.
राहुल गांधी के आरोप भारतीय चुनाव प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाते हैं. अगर ये दावे सही साबित होते हैं तो यह चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर बड़ा संकट होगा. दूसरी ओर बीजेपी और सरकारी संस्थाओं की ओर से इस पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है. यह मामला राजनीतिक विवाद से आगे बढ़कर लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियाद पर सीधे प्रश्न खड़ा करता है.