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  • 2025-05-01

Jharkhand News: अगर करोड़पति बनना है तो पहुंच जाइए झारखंड, हेमंत सरकार देगी 8 करोड़ का इनाम, बस करना होगा यह काम

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Ranchi: अगर आप करोड़पति बनना चाहते हैं तो झारखंड आ जाइए. दरअसल झारखंड सरकार आपको 8 करोड़ रुपए देगी. लेकिन, इसके लिए आपको थोड़ी मेहनत करनी होगी और सारंडा के जंगलों में पसीना बहाना होगा. यहां झारखंड के मोस्ट वांटेड नक्सलियों का डेरा है और उनकी पुख्ता जानकारी पुलिस और सुरक्षाबलों को देनी होगी. दरअसल राज्य में नक्सलियों के खिलाफ लड़ाई जारी है. अन्य जिलों में नक्सली भले ही कम हो गए हों, लेकिन चाईबासा के सारंडा के जंगलों में उनकी मौजूदगी है. इसलिए सुरक्षाबल लगातार अभियान चला रहे हैं ताकि नक्सलियों के अंतिम गढ़ को नेस्तनाबूत किया जा सके.

हालांकि, नक्सली भी अपने अंतिम गढ़ को बचाने में जुटे हैं. इन अभियानों की बदौलत अब राज्य में सिर्फ 61 इनामी नक्सली बचे हैं, जिनमें 1 करोड़ के 3 इनामी नक्सली शामिल हैं. राज्य के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने बताया कि इनामी नक्सलियों में 1 करोड़ के 3, 25 लाख के 5, 15 लाख के 10, 10 लाख के 8, 5 लाख के 25, 2 लाख के 6 और 1 लाख के 5 नक्सली शामिल हैं. इन्हें पकड़ने के लिए सारंडा के जंगलों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है.

राज्य में बचे 1 करोड़ के इनामी 3 नक्सली हैं. मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर उर्फ सागर, असीम मंडल उर्फ आकाश उर्फ तिमिर, और अनिल दा उर्फ तूफान उर्फ पतिराम मांझी. 25 लाख के 5 इनामी नक्सली हैं – अनुज, ब्रजेश सिंह गंझू, लालचंद हेंब्रम उर्फ अनमोल दा, रघुनाथ हेंब्रम उर्फ निर्भय जी, अजय उर्फ टाइगर. इन नक्सलियों को पकड़ने या न्यूट्रलाइज करने के लिए सीआरपीएफ, कोबरा, झारखंड जगुआर, जैप और जिला पुलिस की टीम जुटी हुई है और इलाके में लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं. बरसात से पहले सारंडा को नक्सल मुक्त कराने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके तहत नक्सलियों के घरों में भी पुलिस और सुरक्षाबलों की दबिश बढ़ाई गई है. घरों की कुर्की करने की भी योजना बनाई गई है.

सरेंडर नहीं करने पर कुर्की जब्ती

राज्य के डीजीपी अनुराग गुप्ता ने बताया कि नक्सलियों के खिलाफ अभियान चलाने के साथ-साथ उनके घरों में भी पुलिस टीम पहुंचकर उन्हें सरेंडर करने के लिए कह रही है. अगर नक्सली सरेंडर नहीं करते तो उनके घरों की कुर्की की जाएगी. नक्सलियों को उन्हीं की भाषा में जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं. नक्सलियों के खिलाफ लगातार चल रहे ऑपरेशन के कारण ही इनामी नक्सलियों की सूची छोटी हो गई है. 1 करोड़ के इनामी नक्सली सुरक्षाबलों के लिए बड़ी चुनौती हैं क्योंकि ये एक्शन प्लान तैयार करते हैं और सांगठनिक लिहाज से भी महत्वपूर्ण होते हैं.

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