Medininagar News: डाल्टनगंज स्थित बैंक ऑफ इंडिया की शाखा से जुड़ा एक मामला सामने आया है, जहां खाताधारक के मुताबिक चेकबुक उसके हाथ तक पहुंची ही नहीं और उसके खाते से चेक के जरिए 3.50 लाख रुपये निकाल लिए गए। मामले में खाताधारक विनय कुमार महतो ने बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत की आशंका जताते हुए शहर थाना में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
13 अगस्त को चेकबुक के लिए किया था आवेदन
विनय कुमार महतो के अनुसार, उन्होंने 13 अगस्त को बैंक ऑफ इंडिया में चेकबुक जारी करने के लिए आवेदन दिया था। बैंक की ओर से उन्हें बताया गया था कि चेकबुक उनके पते पर भेज दी जाएगी। हालांकि, उनके पास चेकबुक पहुंची ही नहीं।
इसके बावजूद 24 अगस्त को उनके मोबाइल पर बैंक का मैसेज आया, जिसमें चेक नंबर 140026 के माध्यम से खाते से 3.50 लाख रुपये की निकासी की जानकारी दी गई। मैसेज मिलने के बाद विनय तत्काल बैंक पहुंचे और अधिकारियों से इस संबंध में जानकारी ली।
हस्ताक्षर को अपना मानने से किया इनकार
बैंक अधिकारियों ने विनय को बताया कि उनके खाते से चेक के जरिए रकम का भुगतान किया गया है। इसके बाद उन्होंने भुगतान के लिए इस्तेमाल किया गया चेक देखा। विनय ने चेक पर मौजूद हस्ताक्षर को अपना होने से साफ इनकार कर दिया।
उनका कहना था कि जब उन्हें चेकबुक मिली ही नहीं, तो उसी चेकबुक के चेक से उनके खाते से इतनी बड़ी रकम कैसे निकाल ली गई। मामले में उन्होंने बैंक से पूरी जानकारी और भुगतान प्रक्रिया की जांच की मांग की।
CCTV फुटेज में चेकबुक लेने वाले व्यक्ति की जांच
शिकायतकर्ता के अनुसार, बैंक अधिकारियों ने मामले की जांच के दौरान CCTV फुटेज भी देखा। विनय का आरोप है कि फुटेज में एक व्यक्ति उनके नाम पर आई चेकबुक बैंक से लेते हुए और चेक पर Self लिखकर रकम निकालते हुए दिखाई दिया।
इसके बाद विनय ने मामले को लेकर शहर थाना में लिखित शिकायत दी। पुलिस की मौजूदगी में बैंक अधिकारियों के साथ रकम वापस किए जाने को लेकर बातचीत भी हुई। आरोप है कि बैंक अधिकारियों ने पैसे लौटाने का भरोसा दिया था, लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी रकम वापस नहीं की गई।
अकाउंटेंट और कैशियर की भूमिका की जांच की मांग
विनय कुमार महतो ने बैंक के अकाउंटेंट, कैशियर और अन्य संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। उन्होंने पूरे मामले में बैंक स्तर पर चेकबुक जारी करने से लेकर चेक के भुगतान तक की प्रक्रिया की जांच की मांग की है।
शहर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर ली है। अब पुलिस CCTV फुटेज, चेकबुक जारी होने की प्रक्रिया, भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड और संबंधित लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।