Ranchi News: 3.190 किलो अफीम की तस्करी के मामले में रांची की अदालत ने तीन दोषियों को 15-15 साल की सजा सुनाई है. न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा-1 की अदालत ने सोमवार को यह फैसला सुनाया. अदालत ने तीनों दोषियों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना नहीं देने पर छह-छह महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी. सजा पाने वालों में चतरा निवासी छोटू दांगी उर्फ ललन दांगी, नरेश कुमार और रांची निवासी महेंद्र मुंडा शामिल हैं. अदालत ने 25 अगस्त को तीनों को दोषी करार दिया था.
बस से सफर के दौरान पकड़े गए थे दो तस्कर
मामला 9 जुलाई 2021 का है. रांची सबजोन नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) को अफीम तस्करी की सूचना मिली थी. सूचना के आधार पर टीम ने ओरमांझी टोल प्लाजा के पास रांची से हजारीबाग जा रही एक बस को रोका. बस में सफर कर रहे छोटू दांगी उर्फ ललन दांगी और नरेश कुमार की तलाशी ली गई. इस दौरान उनके पास से प्लास्टिक के पैकेट में रखी 3.190 किलो अफीम बरामद हुई.
जांच में अफीम की हुई पुष्टि
बरामद पदार्थ में से अदालत के आदेश पर 25 ग्राम नमूना जांच के लिए CRCL, कोलकाता भेजा गया था. जांच रिपोर्ट में नमूने के अफीम होने की पुष्टि हुई. इसके बाद NCB ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की. पूछताछ के दौरान उन्होंने कथित तौर पर महेंद्र मुंडा को अफीम का सप्लायर बताया.
महेंद्र मुंडा के खिलाफ अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी कराया गया. इसके बाद NCB ने 14 दिसंबर 2021 को उसे गिरफ्तार कर लिया. तीनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई पूरी होने के बाद मामले में ट्रायल शुरू हुआ.
मामले की सुनवाई के दौरान NCB की ओर से विशेष लोक अभियोजक कुमार वशिष्ट प्रसाद ने पक्ष रखा. अभियोजन पक्ष ने अदालत में कुल आठ गवाह पेश किए. वहीं, बचाव पक्ष की ओर से एक गवाह पेश किया गया. गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों पर सुनवाई के बाद अदालत ने तीनों को दोषी माना और अब प्रत्येक को 15 साल की सजा सुनाई है.