देबसिरिन नोंथबुरी स्कूल में मची भगदड़, 3000 छात्र थे मौजूद
यह दुखद घटना क्षेत्र के प्रतिष्ठित “देबसिरिन नोंथबुरी स्कूल” में घटित हुई. जिस वक्त गोलियां चलनी शुरू हुईं, उस समय परिसर में लगभग 3,000 छात्र उपस्थित थे. गोलीबारी की आवाज सुनते ही पूरे स्कूल में चीख-पुकार और भगदड़ की स्थिति बन गई. सूचना मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल और आपातकालीन राहत दल मौके पर पहुंचे. सुरक्षा बलों ने तुरंत पूरे परिसर को घेर लिया और छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया.
शिक्षा मंत्री ने की 4 मौतों की पुष्टि
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाईलैंड के शिक्षा मंत्री प्रसर्ट जंतारारुआंगटोंग ने घटना में चार लोगों की जान जाने की आधिकारिक पुष्टि की है. हालांकि, शुरुआती बयानों में यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं किया गया है कि मृतकों के इस आंकड़े में खुदकुशी करने वाला हमलावर छात्र शामिल है या नहीं. घटना के बाद से घायलों का नजदीकी अस्पतालों में इलाज जारी है, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बताई जा रही है.
नाबालिग के पास कैसे पहुंचा घातक हथियार? जांच में जुटी पुलिस
नोंथबुरी प्रांतीय पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद स्पष्ट किया है कि हमलावर इसी विद्यालय का छात्र था. वारदात के बाद उसने मौके पर ही खुद को गोली मार ली. अब पुलिस प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक नाबालिग छात्र तक इतना घातक हथियार आखिर कैसे पहुंचा? पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गोलीबारी के पीछे की मुख्य वजह और मंशा का पता लगाया जा रहा है. घटनास्थल से हथियार जब्त कर forensic जांच के लिए भेज दिया गया है.
थाईलैंड में गन कल्चर और सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
दक्षिण पूर्व एशियाई देशों की तुलना में थाईलैंड में आम नागरिकों के पास हथियारों की उपलब्धता काफी अधिक मानी जाती है. यही वजह है कि वहां अक्सर गन कल्चर और बंदूक से जुड़ी हिंसा बड़ी सामाजिक व सुरक्षा समस्या बनकर सामने आती रही है. शुरुआती समय में हताहतों की संख्या को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे थे, लेकिन शिक्षा मंत्रालय के बयान के बाद स्थिति साफ हुई. फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की तफ्तीश कर रही है और प्रशासन की ओर से विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है.