Current News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को NDA में शामिल हुए विभिन्न दलों के सांसदों के साथ नाश्ते पर बैठक की। इस दौरान उन्होंने सांसदों से संसद की कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी निभाने, संसदीय परंपराओं को समझने और अपने-अपने राज्यों के विकास पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।
संसदीय इतिहास पढ़ने और विकास कार्यों पर ध्यान देने की सलाह
सूत्रों के अनुसार, बैठक में ममता बनर्जी और उद्धव ठाकरे गुट से अलग होकर NDA में शामिल हुए सांसदों सहित कई अन्य सांसद मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने उन्हें आश्वस्त करते हुए कहा कि उन्हें किसी भी प्रकार की चिंता करने की जरूरत नहीं है और NDA एक परिवार की तरह कार्य करता है।
उन्होंने सांसदों को संसदीय इतिहास पढ़ने और संसद में उपलब्ध ऐतिहासिक दस्तावेजों का अध्ययन कर बहस के दौरान उनका प्रभावी उपयोग करने की सलाह दी। साथ ही कहा कि राज्यों का विकास ही देश की प्रगति का आधार है, इसलिए सभी सांसद अपने संसदीय क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दें।
PMO से सीधे संपर्क की सलाह, सांसदों से व्यक्तिगत बातचीत
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि विकास परियोजनाओं से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए सांसद सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से संपर्क कर सकते हैं। बैठक के दौरान उन्होंने प्रत्येक सांसद से व्यक्तिगत रूप से बातचीत कर उनके संसदीय क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली।
जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री ने धाराशिव के सांसद ओमराजे निंबालकर से योग अभ्यास पर चर्चा की, जबकि शिवसेना (शिंदे गुट) और एनसीपी (अजित पवार गुट) के कई सांसदों से मराठी में संवाद किया। सूत्रों के मुताबिक, शिवसेना में हाल ही में शामिल छह सांसदों के साथ प्रधानमंत्री ने अलग से भी बैठक की। बैठक में NCPI के 19 सांसद भी शामिल हुए। बैठक के बाद सांसद जगदीश बसुनिया ने कहा कि वे केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ पश्चिम बंगाल तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे और सभी सांसद एकजुट होकर काम करेंगे।