Jharkhand News: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की कार्यप्रणाली को लेकर भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) ने राज्यव्यापी आंदोलन की घोषणा की है. संगठन का आरोप है कि आयोग की परीक्षा प्रक्रिया और परिणाम जारी करने के तरीके में पारदर्शिता का अभाव है. इसी मुद्दे को लेकर आगामी दिनों में चरणबद्ध आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया है.
JPSC की पारदर्शिता पर उठाए सवाल
भाजयुमो के प्रदेश अध्यक्ष शशांक राज ने कहा कि हाल में घोषित परीक्षा परिणामों ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. उनका आरोप है कि परिणाम आयोग के सभी सदस्यों के हस्ताक्षर के बिना जारी किए गए. इसके अलावा अभ्यर्थियों को उत्तर पुस्तिकाओं का अवलोकन नहीं कराया जा रहा है, कट-ऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किए जाते और नियमित परीक्षा कैलेंडर भी जारी नहीं किया जाता. उन्होंने कहा कि इससे प्रतियोगी छात्रों में लगातार असंतोष बढ़ रहा है.
तीन चरणों में चलेगा आंदोलन
भाजयुमो ने आंदोलन की पूरी रूपरेखा भी घोषित कर दी है. 20 जुलाई को सोशल मीडिया के जरिए अभियान चलाया जाएगा. इसके बाद 21 जुलाई को राज्य के विभिन्न जिलों में मशाल जुलूस निकाला जाएगा. वहीं 22 जुलाई को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से JPSC कार्यालय तक मार्च निकालकर आयोग का घेराव किया जाएगा. इस दौरान प्रतीकात्मक रूप से "JPSC सफाई अभियान" भी चलाने की घोषणा की गई है.
सरकारी नौकरियों में आयु सीमा बढ़ाने की मांग
शशांक राज ने कहा कि संगठन लंबे समय से झारखंड में सरकारी नौकरियों की अधिकतम आयु सीमा बढ़ाने की मांग कर रहा है. उनका कहना है कि भर्ती प्रक्रियाओं में देरी का सबसे ज्यादा नुकसान युवाओं को उठाना पड़ रहा है. ऐसे में सरकार को आयु सीमा में राहत देने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए.
"युवाओं के हितों की लड़ाई"
भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि युवाओं के अधिकारों और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था की मांग को लेकर किया जा रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आयोग की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा.