Jharkhand High Court: कर्ज वसूली से जुड़े लंबित मामलों को लेकर झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य के प्रशासनिक और न्यायिक अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं. अदालत ने सभी जिलों के उपायुक्तों और मुख्य न्यायिक दंडाधिकारियों (CJM) से कहा है कि SARFAESI एक्ट की धारा 14 के तहत लंबित मामलों का अलग से रिकॉर्ड तैयार और संधारित किया जाए.
यह निर्देश न्यायमूर्ति आनंद सेन की अदालत ने ग्रामीण बैंक, केनरा बैंक, यूको बैंक और जना स्मॉल फाइनेंस बैंक की ओर से दायर याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान दिया. बैंकों ने अदालत को बताया कि लंबित मामलों के कारण कर्ज वसूली की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है.
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने धनबाद के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी को 30 दिनों के भीतर और जमशेदपुर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी को 60 दिनों के भीतर लंबित मामलों का निस्तारण करने का निर्देश दिया. वहीं जिन जिलों में ऐसे मामलों की संख्या 10 से कम है, वहां 15 दिनों के भीतर कार्रवाई पूरी करने को कहा गया है.
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि धारा 14 से जुड़े प्रत्येक मामले की अलग रजिस्टर में प्रविष्टि की जाए. साथ ही उपायुक्तों को निर्देश दिया गया कि वे हर 15 दिन में इन मामलों की समीक्षा करें, ताकि लंबित मामलों की नियमित निगरानी हो और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे.