Weather Update: देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से मॉनसून कमजोर पड़ने के कारण बारिश में कमी दर्ज की गई है। खासकर मध्य, पश्चिमी और उत्तर भारत के कई इलाकों में सामान्य से कम वर्षा होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान में मॉनसून द्रोणिका अपनी सामान्य स्थिति से हट गई है, जिससे नमी वाली हवाएं इन क्षेत्रों तक पर्याप्त मात्रा में नहीं पहुंच पा रही हैं।
18-25 जुलाई के बीच मॉनसून के फिर सक्रिय होने के संकेत
हालांकि विभिन्न भारतीय और अंतरराष्ट्रीय मौसम मॉडल संकेत दे रहे हैं कि 18 से 25 जुलाई के बीच मॉनसून दोबारा सक्रिय हो सकता है। यदि बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र विकसित होकर मजबूत होता है, तो मॉनसून द्रोणिका सामान्य स्थिति में लौट सकती है। इससे मध्य भारत, उत्तर भारत, राजस्थान, गुजरात समेत कई वर्षा प्रभावित क्षेत्रों में अच्छी बारिश की संभावना बढ़ जाएगी।
पश्चिमी मौसम के असर से उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश और तेज हवाओं की संभावना
इस बीच उत्तर-पश्चिम भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है। इसके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में अगले दो से तीन दिनों तक गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। इससे तापमान में भी कुछ गिरावट आ सकती है, हालांकि यह पूरे देश में मॉनसून को सक्रिय नहीं करेगा।
पूर्वानुमान पर नजर, मॉनसून की चाल बदल सकती है
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह अभी संभावित पूर्वानुमान है और मौसम प्रणालियों की दिशा व तीव्रता के अनुसार इसमें बदलाव संभव है। भारतीय मौसम विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वहीं जलवायु परिवर्तन के कारण मॉनसून का स्वरूप पहले की तुलना में अधिक अनिश्चित हो गया है, जिससे कहीं अत्यधिक बारिश तो कहीं लंबे समय तक सूखे जैसी स्थिति देखने को मिल रही है।