वाहन जांच में सामने आया पूरा मामला
पुलिस के मुताबिक, पिछले महीने मधुबनी न्यू फोरलेन के मादापुर चौक पर नियमित वाहन जांच के दौरान एक टाटा सूमो विक्टा को रोका गया. तलाशी लेने पर वाहन से बड़ी संख्या में प्रतिबंधित नशीले इंजेक्शन बरामद हुए. पूछताछ के दौरान आरोपितों ने कथित तौर पर बताया कि खेप को नेपाल पहुंचाया जाना था.
गिरफ्तार आरोपितों की पहचान पूर्वी चंपारण के हरसिद्धि निवासी आजाद अंसारी और चुमन राय, रक्सौल निवासी मो. सलीम तथा सोनू कुमार उर्फ राहुल के रूप में हुई है. पुलिस का कहना है कि इतनी बड़ी बरामदगी किसी संगठित तस्करी नेटवर्क की ओर इशारा करती है.
नेपाल कनेक्शन की जांच में जुटी पुलिस
प्रारंभिक जांच के अनुसार, इस मामले के तार नेपाल तक जुड़े होने की आशंका है. जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि प्रतिबंधित इंजेक्शनों की आपूर्ति कहां से हो रही थी और उन्हें सीमा पार पहुंचाने के लिए किन रास्तों का इस्तेमाल किया जाता था.
पुलिस ने बताया कि मामले की जांच अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय तस्करी के पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही है. साथ ही पूरे सप्लाई नेटवर्क की पहचान करने के लिए कई बिंदुओं पर जांच आगे बढ़ाई गई है.
मोबाइल रिकॉर्ड से खुल सकते हैं बड़े राज
बरामद चार मोबाइल फोन अब जांच का अहम हिस्सा बन गए हैं. पुलिस आरोपितों के कॉल डिटेल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है. शुरुआती जांच में कुछ संदिग्ध नंबर सामने आए हैं, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है.
अधिकारियों का मानना है कि कॉल रिकॉर्ड के जरिए इस नेटवर्क से जुड़े कथित सप्लायर, खरीदार और अन्य सहयोगियों की पहचान हो सकती है. फिलहाल सभी आरोपितों से पूछताछ जारी है. पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी.