Jharkhand: जोन्हा फॉल जाने वाली सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर चल रहे स्वतः संज्ञान मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने गुरुवार को महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अदालत ने मसरीजारा से हेसलाबेड़ा तक जाने वाली सड़क के निर्माण कार्य में तेजी लाने का निर्देश देते हुए राज्य सरकार को छह महीने के अंदर सड़क चौड़ीकरण और मजबूतीकरण का काम पूरा करने को कहा है।
रेलवे की मंजूरी के बाद शुरू होगा तेजी से काम
मुख्य न्यायाधीश एम.एस. सोनक और न्यायाधीश राजेश शंकर की खंडपीठ ने सुनवाई के दौरान बताया कि रेलवे से एनओसी मिलने के बाद अब सड़क निर्माण में कोई बड़ी बाधा नहीं बची है। अदालत ने करीब 1.8 किलोमीटर लंबी सड़क के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण का कार्य तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया।
5 नहीं, 8 मीटर चौड़ी होगी सड़क
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सड़क की चौड़ाई को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिया। अदालत ने कहा कि सड़क को केवल 5 मीटर तक सीमित नहीं रखा जाए, बल्कि इसकी चौड़ाई 8 मीटर होनी चाहिए, ताकि बड़े वाहनों का आवागमन आसानी से और सुरक्षित तरीके से हो सके। कोर्ट ने सड़क निर्माण को लेकर राज्य सरकार और रेलवे के बीच हुए बेहतर तालमेल की भी सराहना की।
खराब सड़क को लेकर पहले जताई थी नाराजगी
बता दें कि पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने जोन्हा फॉल जाने वाले मार्ग की खराब स्थिति पर नाराजगी जताई थी। अदालत ने पाया था कि मसरीजारा से हेसलाबेड़ा तक का रास्ता काफी संकरा और खराब हालत में है, जिससे पर्यटकों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
NOC बनी थी निर्माण में सबसे बड़ी बाधा
इससे पहले अप्रैल महीने में राज्य सरकार ने अदालत को सड़क निर्माण जल्द पूरा करने का भरोसा दिया था, लेकिन रेलवे से अनुमति नहीं मिलने के कारण काम आगे नहीं बढ़ पा रहा था। अब रेलवे की मंजूरी मिलने के बाद हाईकोर्ट ने निर्माण कार्य पूरा करने के लिए स्पष्ट समय सीमा तय कर दी है।
जोन्हा फॉल पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता विभोर मयंक ने पक्ष रखा, जबकि रेलवे की ओर से एएसजीआई प्रशांत पल्लव ने अदालत के सामने अपना पक्ष रखा। हाईकोर्ट के इस आदेश के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि सड़क बेहतर होने से जोन्हा फॉल आने वाले पर्यटकों को सुविधा मिलेगी और क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।