Jharkhand Weather Alert: झारखंड में मानसून सक्रिय होने के साथ मौसम का मिजाज बदल गया है. मौसम विभाग ने 9 से 14 जुलाई के बीच राज्य के कई हिस्सों में बारिश, गरज के साथ बौछारें, तेज हवा और वज्रपात की संभावना जताई है. विभाग ने लोगों को मौसम खराब होने पर विशेष सावधानी बरतने को कहा है.
कई जिलों में 50 किमी प्रति घंटे तक तेज हवा का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार रांची, बोकारो, गुमला, हजारीबाग, खूंटी, रामगढ़, लोहरदगा और कोडरमा समेत कई जिलों में तेज हवा चल सकती है. धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, सरायकेला-खरसावां, पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार के लिए भी वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है. देवघर, दुमका, गिरिडीह, गोड्डा, जामताड़ा, पाकुड़ और साहिबगंज में भी हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है.
13 जुलाई को इन जिलों में भारी बारिश की संभावना
राज्य में 13 और 14 जुलाई को अधिकतर इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है. 13 जुलाई को देवघर, दुमका, गिरिडीह, जामताड़ा, धनबाद, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और सरायकेला-खरसावां में कुछ जगहों पर भारी बारिश की संभावना है. इन जिलों में जलजमाव और स्थानीय स्तर पर आवागमन प्रभावित होने की आशंका भी बनी रह सकती है.
गोड्डा में सबसे अधिक बारिश दर्ज
पिछले 24 घंटे में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई. सबसे अधिक 44.2 मिलीमीटर बारिश गोड्डा में रिकॉर्ड की गई. पथरगामा में 34.2 मिलीमीटर, मेहरगामा में 24.4 मिलीमीटर और लोहरदगा में 13.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई.
पाकुड़ सबसे गर्म, लातेहार में सबसे कम तापमान
राज्य में अधिकतम तापमान पाकुड़ में 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीं लातेहार में न्यूनतम तापमान 21.7 डिग्री सेल्सियस रहा. मौसम विभाग के मुताबिक अगले पांच दिनों तक अधिकतम तापमान में कोई खास बदलाव होने की संभावना नहीं है.
रांची में चार दिन तक ऐसा रहेगा मौसम
राजधानी रांची में 9 से 12 जुलाई के बीच अधिकतम तापमान 28 से 29 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. इस दौरान बीच-बीच में बारिश और बादल छाए रहने की संभावना है.
वज्रपात के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि गरज और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान में न रहें. पेड़ों, बिजली के खंभों, टावरों और जलाशयों से दूरी बनाए रखें. खराब मौसम में सुरक्षित पक्के भवन के भीतर रहना बेहतर होगा.