Ranchi News : राजधानी रांची में मवेशी चोरी करने वाले एक संगठित गिरोह के सक्रिय होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस जांच में पता चला है कि गिरोह महिलाओं और बेरोजगार युवकों को दैनिक मजदूरी पर रखकर चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है।
रेकी के बाद चोरी, महिलाओं को मिलते हैं 5 हजार रुपये प्रतिदिन
जानकारी के अनुसार गिरोह का सरगना दूसरे राज्य का बताया जा रहा है। गिरोह के सदस्य पहले उन इलाकों की रेकी करते हैं, जहां गाय और बछड़ों को चरने के लिए खुला छोड़ा जाता है। मौका मिलते ही मवेशियों को महंगी गाड़ियों में लादकर शहर लाया जाता है और बाद में उनकी बिक्री कर दी जाती है। बताया जा रहा है कि गिरोह से जुड़े युवकों को प्रतिदिन 3 हजार रुपये, जबकि चोरी के मवेशियों से लदी गाड़ी में बैठने वाली महिला को 5 हजार रुपये तक दिए जाते हैं, ताकि किसी को वाहन पर शक न हो।
पांच बछड़ों से भरी गाड़ी पकड़ी, दम घुटने से एक की मौत
पिछले कुछ महीनों में पुलिस ने कई बार मवेशियों से भरे वाहन पकड़े हैं, लेकिन पूरे गिरोह का खुलासा अब तक नहीं हो सका है। बुधवार को जगन्नाथपुर और डोरंडा पुलिस ने बिरसा चौक और डोरंडा बाजार के बीच एक वाहन पकड़ा, जिसमें पांच बछड़ों को ठूंसकर ले जाया जा रहा था। दम घुटने से एक बछड़े की मौत हो गई। गिरफ्तार आरोपी जावेद ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि वह मासूम कुरैशी, बुलंद कुरैशी और अन्य लोगों के कहने पर बछड़ों को ले जा रहा था। पुलिस पूरे गिरोह और उसके नेटवर्क की जांच कर रही है।