Jamshedpur: जमशेदपुर डेयरी के ठेका कर्मी रविंद्र नाथ ठाकुर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद बुधवार सुबह डेयरी परिसर के मुख्य गेट पर प्रदर्शन शुरू हो गया। समाजसेवी संतोष तिवारी और रश्मि भेंगरा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने डेयरी का मुख्य गेट जाम कर दिया और विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। जानकारी के अनुसार, रविंद्र नाथ ठाकुर डेयरी में ठेका मजदूर के रूप में कार्यरत थे। आरोप है कि काम के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रबंधन ने उनका समुचित इलाज कराने के बजाय बेहोशी की हालत में उन्हें घर भेज दिया। इसके बाद परिजनों ने उन्हें रांची स्थित रिम्स में भर्ती कराया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
जहर मिलने के दावे के बाद उठे सवाल
प्रदर्शनकारियों का दावा है कि मौत से पहले हुई चिकित्सकीय जांच में मृतक के शरीर में विषैले पदार्थ की मौजूदगी की बात सामने आई है। इसी आधार पर उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस या स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। समाजसेवी संतोष तिवारी ने बताया कि सुबह करीब नौ बजे से प्रदर्शन शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, तब तक डेयरी के मुख्य गेट पर धरना और जाम जारी रहेगा।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
प्रदर्शनकारियों ने मृतक के मामले में आरोपियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने, मृतक के एक आश्रित को स्थायी नौकरी देने तथा उनकी पत्नी को 25 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है। फिलहाल जमशेदपुर डेयरी प्रबंधन की ओर से मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, पुलिस मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर बनाए हुए है और पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है।