Ranchi: रांची में आयोजित झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी की प्रेस वार्ता में पार्टी नेताओं ने मतदाता सूची पुनरीक्षण, NEET पेपर लीक, महंगाई, जातीय जनगणना और सरना धर्म कोड समेत कई मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए। प्रेस वार्ता में प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और विधायक दल के नेता प्रदीप यादव मौजूद रहे।
वोटर लिस्ट से नाम हटाने का लगाया आरोप
प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि 30 जून से शुरू होने वाले विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम पर कांग्रेस पूरी नजर बनाए हुए है। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य में करीब 2.64 करोड़ संभावित मतदाता हैं, लेकिन अब तक केवल 1.90 करोड़ लोगों की ही मैपिंग हो सकी है। ऐसे में लगभग 70 लाख मतदाता अब भी सूची से बाहर हैं।
17 हजार से अधिक बूथ लेवल एजेंट तैनात
कांग्रेस ने इस मामले को गंभीर बताते हुए राज्यभर में 17 हजार से अधिक बूथ लेवल एजेंट तैनात किए हैं। पार्टी की ओर से इन एजेंटों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि किसी योग्य मतदाता का नाम सूची से न कटे।
NEET पेपर लीक पर सरकार को घेरा
विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने NEET परीक्षा में पेपर लीक को युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर मामला बताया। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता लगातार कमजोर हो रही है और इसकी जिम्मेदारी शिक्षा मंत्री को लेनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि शैक्षणिक संस्थानों में नियुक्तियों के दौरान योग्यता से अधिक विचारधारा को महत्व दिया जा रहा है।
महंगाई और रुपये की गिरावट पर चिंता
महंगाई और आर्थिक हालात को लेकर प्रदीप यादव ने कहा कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। उन्होंने कहा कि रुपये की गिरती कीमत का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है।
जातीय जनगणना और सरना कोड की मांग दोहराई
प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेताओं ने जाति आधारित जनगणना की मांग को भी दोहराया। नेताओं ने कहा कि इससे समाज के पिछड़े और वंचित वर्गों की वास्तविक स्थिति सामने आएगी।इसके साथ ही झारखंड में सरना धर्म कोड लागू करने की मांग को लेकर कांग्रेस ने अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।