Jamshedpur: जमशेदपुर में इंश्योरेंस कंपनी की कथित मनमानी के खिलाफ 12 घंटे तक शव के साथ चले आंदोलन के बाद आखिरकार Care Health Insurance को झुकना पड़ा। कंपनी ने मरीज के इलाज का पूरा खर्च उठाने पर सहमति जता दी है। आंदोलन का नेतृत्व JLKM कोल्हान इकाई ने किया।
JLKM नेताओं ने आंदोलन को बताया ऐतिहासिक
JLKM कोल्हान अध्यक्ष नवीन महतो ने इसे ऐतिहासिक जीत बताते हुए कहा कि पहली बार किसी इंश्योरेंस कंपनी को पीड़ित परिवार के पक्ष में झुकना पड़ा है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद कार्यकर्ता डटे रहे और यह जीत एकजुटता व संघर्ष का परिणाम है। जिला अध्यक्ष दीपक महतो ने कहा कि JLKM न्याय के लिए पांच दिनों तक भी शव के साथ बैठने को तैयार था। उन्होंने इस जीत का श्रेय पूरी टीम और जयराम महतो के मार्गदर्शन को दिया।
मीडिया की भूमिका की सराहना
महानगर अध्यक्ष राजा कालिंदी ने मीडिया की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि पत्रकारों ने पीड़ित परिवार की आवाज बनकर मामले को अधिकारियों तक पहुंचाया, जिसके बाद कंपनी हरकत में आई।
पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
पूरे घटनाक्रम में बिष्टुपुर थाना पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं। आरोप है कि 12 घंटे तक शव के साथ आंदोलन चलता रहा, लेकिन थाना प्रभारी आलोक कुमार दुबे समेत कोई भी पुलिसकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। इसे लेकर लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।