Jamshedpur: टाटा स्टील की भूमि पर कथित अतिक्रमण के मामलों में कंपनी ने सख्ती बढ़ा दी है। टाटा स्टील के लैंड मैनेजमेंट विभाग की शिकायत के बाद जमशेदपुर प्रशासन ने सोनारी क्षेत्र में बन रहे दो बहुमंजिला आवासीय परियोजनाओं के बिल्डरों को नोटिस जारी किया है।
जेपीएलई एक्ट के तहत भेजा गया नोटिस
जमशेदपुर के अंचलाधिकारी द्वारा सार्वजनिक भूमि अतिक्रमण अधिनियम (JPLE Act) के तहत यह कार्रवाई की गई है। नोटिस पाने वालों में मीरा देवी अग्रवाल, जो आहाना रेजीडेंसी परियोजना से जुड़ी हैं, तथा महेश अग्रवाल, जिनका नाम आकाश निर्वाणा परियोजना से जुड़ा है, शामिल हैं। दोनों को 2 जून से पहले अंचल कार्यालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया गया है।
10 हजार वर्गफुट जमीन कब्जाने का आरोप
कंपनी सूत्रों के मुताबिक आकाश निर्वाणा परियोजना पर सड़क किनारे स्थित लगभग 10 हजार वर्गफुट टाटा स्टील की जमीन को परिसर की बाउंड्री में शामिल कर लेने का आरोप है। बताया जा रहा है कि इस मामले में पहले भी संबंधित बिल्डर को चेतावनी दी गई थी।
पहले भी हुई थी कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, पूर्व में कार्रवाई नहीं होने पर टाटा स्टील की ओर से कथित अतिक्रमित हिस्से की घेराबंदी को हटाया गया था। अब मामले को कानूनी रूप देते हुए प्रशासन ने जेपीएलई एक्ट के तहत आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
आहाना रेजीडेंसी पर भी गंभीर आरोप
वहीं, सोनारी स्थित ट्राइबल कल्चर सेंटर के पीछे बन रही आहाना रेजीडेंसी परियोजना पर भी 11 हजार वर्गफुट से अधिक जमीन पर कथित अतिक्रमण का आरोप लगाया गया है। इस मामले में भी संबंधित बिल्डर को नोटिस भेजा गया है।
अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा
कंपनी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि शहर में टाटा स्टील की जमीन पर जहां भी अवैध कब्जा या अतिक्रमण की शिकायत मिलेगी, वहां इसी तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।