Preparations For Shravani Fair: बिहार में विश्वप्रसिद्ध श्रावणी मेले की तैयारी जोरों पर है। इस बार भी श्रद्धालुओं को सभी आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराने के लिए सरकार ने विशेष व्यवस्था की है।
सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगाजल भरकर बाबाधाम देवघर जाने वाले कांवरियों के ठहरने के लिए सुल्तानगंज से झारखंड बॉर्डर तक कुल चार टेंट सिटी बनाई जाएगी।
इन टेंट सिटी में कांवरियों के विश्राम के लिए उत्तम प्रबंध सरकार की ओर से किए जाएंगे, जो पूरी तरह नि:शुल्क होंगे। बेड, गद्दा, पंखा और कूलर की भी व्यवस्था रहेगी। शौचालय और स्नान करने की सुविधा भी दी जाएगी। इसके अलावा, कांवर स्टैंड भी बनाए जाएंगे।
सुल्तानगंज से झारखंड बॉर्डर के बीच बांका जिला के अबरखा में 600 बेड की टेंट सिटी बनेगी। मुंगेर के खैरा में 200 बेड, धोबई में 200 बेड और सुल्तानगंज में 200 बेड के टेंट सिटी तैयार किए जाएंगे।
सुल्तानगंज के नमामि गंगे घाट पर हर साल की तरह इस बार भी कांवरियों का हुजूम जमा होगा। शिवभक्तों की सुविधा के लिए तैयारी भी तेज हो गई है। कांवरियों को गंगा घाट पर असुविधा नहीं होगी, इसके लिए जिला प्रशासन ने मास्टरप्लान तैयार किया है।
नमामि गंगे घाट को नो पार्किंग जोन बनाने पर विचार किया जा रहा है। घाट के आसपास के जगहों को खाली कराया जाएगा और अतिक्रमण हटाने के लिए निर्देश दिया जा चुका है। मंगलवार को प्रशासनिक पदाधिकारियों ने गंगा घाट का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
श्रावणी मेले में सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। गंगा घाट पर बैरिकेडिंग की व्यवस्था, गोताखोर और एसडीआरएफ की टीम की तैनाती होगी। इसके अलावा, सड़क किनारे दुकान इस बार नहीं लगने दिया जाएगा।
जिला प्रशासन ने श्रावणी मेले के लिए विशेष तैयारी की है। एसडीएम और डीएसपी ने मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। प्रशासन का उद्देश्य है कि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो और वे सुरक्षित रूप से मेले का आनंद ले सकें।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। टेंट सिटी में रहने, खाने और अन्य सुविधाएं नि:शुल्क उपलब्ध होंगी। इसके अलावा, गंगा घाट पर भी विशेष व्यवस्था की गई है ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा न हो।
श्रावणी मेले की तैयारी जोरों पर है और प्रशासन ने श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्था की है। टेंट सिटी और नमामि गंगे घाट पर विशेष सुविधाएं उपलब्ध होंगी और सुरक्षा व्यवस्था का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। हमें उम्मीद है कि श्रद्धालु सुरक्षित रूप से मेले का आनंद ले सकेंगे और अपनी श्रद्धा के अनुसार पूजा-अर्चना कर सकेंगे।