Jamtara Cyber Crime: साइबर अपराध के लिए चर्चित जामताड़ा में ठगों ने अब मासूम लोगों को लूटने के लिए तकनीक और भरोसे का नया जाल बुना है। जामताड़ा के पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह को मिली गुप्त सूचना के आधार पर साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में नारायणपुर थाना क्षेत्र के दखनीडीह गांव में एक बड़ी कार्रवाई की गई। पुलिस ने जहां एक बंद पड़े प्राथमिक विद्यालय में छापा मारकर तीन अपराधियों को उस वक्त रंगे हाथ दबोच लिया, जब वे लोगों को शिकार बनाने की कोशिश कर रहे थे। मौके से आठ मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जो ठगी के इस काले कारोबार में इस्तेमाल हो रहे थे।
APK फाइल का डिजिटल जाल और मोबाइल पर कब्जा
पुलिस की पूछताछ में ठगी का जो तरीका सामने आया है, वह बेहद चौंकाने वाला है। ये अपराधी लोगों के व्हाट्सऐप पर LPG गैस सब्सिडी या KYC अपडेट के नाम पर फर्जी मैसेज भेजते थे। मैसेज के साथ एक APK फाइल डाउनलोड करने का लिंक होता था। जैसे ही कोई व्यक्ति इस फाइल को इंस्टॉल करता, उसके फोन में एक गुप्त स्पाई ऐप सक्रिय हो जाता। इसके बाद मोबाइल का पूरा कंट्रोल जैसे आपके मैसेज, ओटीपी (OTP), बैंकिंग पासवर्ड और ई-वॉलेटअपराधियों के पास पहुंच जाता। लोग समझ भी नहीं पाते थे और उनकी मेहनत की कमाई पल भर में गायब हो जाती।
गिरफ्तार अपराधियों की पहचान और कानूनी कार्रवाई
पकड़े गए ठगों की पहचान नारायणपुर के मिरगा गांव निवासी राजेश मंडल (28 वर्ष), अजय मंडल (28 वर्ष) और हीरालाल मंडल (30 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके खिलाफ साइबर अपराध थाना में मामला दर्ज किया है। इन पर नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS 2023), आईटी एक्ट और टेलीकम्युनिकेशन एक्ट की गंभीर धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। इस सफल ऑपरेशन में पुलिस निरीक्षक संजय कुमार सिंह और उनकी टीम की अहम भूमिका रही।
पुलिस की अपील, आपकी सावधानी ही सुरक्षा है
इस खुलासे के बाद जामताड़ा पुलिस ने आम जनता से सतर्क रहने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि गैस, बैंक या सब्सिडी से जुड़ी कोई भी जानकारी कभी भी किसी अनजान व्हाट्सऐप लिंक या फाइल के जरिए अपडेट न करें। किसी भी संदिग्ध मैसेज को नजरअंदाज करें और कभी भी APK फाइल इंस्टॉल न करें। यदि आप किसी भी तरह की ठगी का शिकार होते हैं या कोई संदिग्ध कॉल आता है, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें। याद रखें, एक छोटी सी सावधानी आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है।