Jharkhand News: झारखंड सरकार के मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राज्य में गहराते ईंधन संकट, बढ़ती महंगाई और एसआईआर प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि झारखंड में पेट्रोल और डीजल की भारी किल्लत ने आम लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं और भीषण गर्मी में लोग घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं. मंत्री ने दावा किया कि कई जगहों पर तनाव और विवाद की स्थिति भी बन रही है. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर सभी पेट्रोल पंपों पर मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की तैनाती की मांग की है ताकि हालात को नियंत्रित रखा जा सके.
पेट्रोल डीजल की कमी से आम लोगों की परेशानी बढ़ी
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य में ईंधन संकट अब गंभीर रूप ले चुका है. लोगों को पेट्रोल और डीजल के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है. कई इलाकों में वाहन चालकों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और लोग मानसिक तनाव भी झेल रहे हैं.
मंत्री ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच पेट्रोल पंपों पर उमड़ रही भीड़ के कारण कानून व्यवस्था की समस्या भी पैदा हो सकती है. इसी वजह से उन्होंने प्रशासनिक निगरानी बढ़ाने की मांग की है.
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दिखने लगा संकट का असर
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ईंधन की कमी का असर अब स्वास्थ्य सेवाओं पर भी साफ दिखाई देने लगा है. एम्बुलेंस सेवाएं प्रभावित हो रही हैं और कई जगहों पर दवाओं की आपूर्ति समय पर नहीं पहुंच पा रही है. परिवहन व्यवस्था बाधित होने से अस्पतालों तक जरूरी दवाएं पहुंचाने में दिक्कत आ रही है. उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील करते हुए कहा कि कम से कम आपातकालीन सेवाओं को इस संकट से अलग रखा जाए ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो हालात और गंभीर हो सकते हैं.
जूनियर डॉक्टरों की सैलरी को लेकर भी दिया भरोसा
डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि जूनियर डॉक्टरों की लंबित सैलरी जल्द जारी की जाएगी. उन्होंने डॉक्टरों से सेवाएं जारी रखने की अपील की और भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी समस्याओं के समाधान के लिए काम कर रही है.
अर्थव्यवस्था और विदेश नीति को लेकर केंद्र पर साधा निशाना
मंत्री ने देश की आर्थिक स्थिति और रुपये की कमजोरी के लिए भी केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि विदेश नीति में आई कमजोरियों के कारण कुछ देशों के साथ संबंध प्रभावित हुए हैं, जिसका असर अब ईंधन आपूर्ति पर दिखाई दे रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि देश में राजनीतिक कारणों से सामाजिक तनाव बढ़ रहा है और इसका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है. महंगाई और जरूरी सेवाओं की परेशानी ने जनता की चिंता बढ़ा दी है.
एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भी उठाए सवाल
डॉ. अंसारी ने चुनाव आयोग की एसआईआर प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए. उन्होंने आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया जा रहा है. उनका कहना है कि इससे आदिवासी, दलित और अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के नाम वोटर सूची से हटाए जाने का खतरा बढ़ सकता है. उन्होंने कांग्रेस, झामुमो और राजद के कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे बीएलओ के साथ मिलकर पूरी प्रक्रिया पर नजर रखें और सतर्क रहें ताकि किसी योग्य मतदाता का नाम सूची से बाहर न हो.
बढ़ते संकट के बीच सरकार और केंद्र पर टिकी नजरें
झारखंड में ईंधन संकट और उससे जुड़ी समस्याओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. एक तरफ आम लोग पेट्रोल डीजल की कमी और महंगाई से परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर सरकारें एक दूसरे पर आरोप लगा रही हैं. अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि हालात को सामान्य करने के लिए आगे क्या कदम उठाए जाते हैं.