Jharkhand: झारखंड सरकार ने गुमला जिले के पूसो थाना में कांग्रेस नेता जितेंद्र लोहरा के साथ पुलिस हिरासत के दौरान हुई कथित मारपीट और प्रताड़ना के मामले में मुआवजे की मंजूरी दे दी है। यह घटना मई 2024 की है, जब जितेंद्र लोहरा को पूछताछ के लिए थाने लाया गया था। आरोप है कि पूछताछ के दौरान उन्हें थाना हाजत में बंद कर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया था। इस गंभीर मामले की शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) तक पहुंची थी।
NHRC की सिफारिश पर सरकार का निर्णय
मानवाधिकार आयोग ने इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच कराई और राज्य सरकार से पूरे मामले पर जवाब तलब किया था। जांच में प्रताड़ना की पुष्टि होने के बाद आयोग ने पीड़ित नेता को मुआवजा देने की सिफारिश की थी। आयोग के इसी निर्देश का पालन करते हुए अब राज्य सरकार ने अपनी सहमति दे दी है।
गृह विभाग ने जारी किया आदेश
राज्य के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिया है। विभाग ने पीड़ित जितेंद्र लोहरा को आर्थिक सहायता (मुआवजा) देने की बात स्वीकार की है। हालांकि, आदेश में मुआवजे की सटीक राशि का अभी खुलासा नहीं किया गया है और इसे फिलहाल सार्वजनिक नहीं रखा गया है। सरकार के इस कदम को पुलिसिया कार्यशैली पर मानवाधिकारों की जीत के रूप में देखा जा रहा है।