Seraikela News: सरायकेला-खरसावां जिले में पेट्रोल और डीजल की कमी की खबरों के बीच प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है. उपायुक्त नितिश कुमार सिंह के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) अभिनव प्रकाश ने खुद मोर्चा संभालते हुए पेट्रोल पंपों की जांच शुरू कर दी है. इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य ईंधन की कालाबाजारी को रोकना और आम जनता को राहत पहुंचाना है.
पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण और स्टॉक की जांच
ईंधन स्टेशनों पर लग रही लंबी कतारों और आपूर्ति की कमी की शिकायतों के बाद एसडीओ अभिनव प्रकाश ने सरायकेला क्षेत्र के विभिन्न पेट्रोल पंपों का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने स्टॉक रजिस्टर की गहनता से जांच की और वर्तमान में उपलब्ध ईंधन की मात्रा का भौतिक मिलान किया. अधिकारियों ने वितरण व्यवस्था का जायजा लिया ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उपभोक्ताओं को बिना किसी परेशानी के निर्धारित दरों पर ही ईंधन मिल रहा है.
जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ कड़ी चेतावनी
निरीक्षण के दौरान एसडीओ ने पंप संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ईंधन की कृत्रिम कमी पैदा करने या जमाखोरी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी स्तर पर कालाबाजारी या उपभोक्ताओं को बेवजह परेशान करने की शिकायत सही पाई गई, तो संबंधित संचालक के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने कहा कि सभी संचालकों को पारदर्शी तरीके से ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित करनी होगी.
अफवाहों से बचने और संयम बरतने की अपील
एसडीओ ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें. उन्होंने कहा कि जिले में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन लगातार काम कर रहा है, इसलिए लोग घबराहट में आकर पंपों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएं. नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे अपनी जरूरत के अनुसार ही ईंधन लें ताकि बाजार में अनावश्यक किल्लत की स्थिति पैदा न हो.
प्रशासनिक निगरानी और त्वरित शिकायत निवारण
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वह जरूरी वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति को लेकर पूरी तरह गंभीर है. आपूर्ति श्रृंखला पर लगातार नजर रखी जा रही है और आने वाले दिनों में भी ऐसे औचक निरीक्षण जारी रहेंगे. प्रशासन ने जनता से यह भी आग्रह किया है कि यदि उन्हें कहीं भी किसी प्रकार की अनियमितता या ईंधन देने में आनाकानी दिखाई दे, तो वे तुरंत इसकी सूचना प्रशासन को दें ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके.