Jamshedpur: गोमिया के पूर्व विधायक माधव लाल सिंह के निधन पर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सरयू राय ने उन्हें राज्य की राजनीति का एक ऐसा "अद्भुत व्यक्तित्व" बताया, जिसकी जगह भरना नामुमकिन है। उन्होंने कहा कि माधव लाल सिंह के जाने से झारखंड ने एक ऐसा जननायक खो दिया है, जिसने अपना पूरा जीवन गरीबों और वंचितों के हक के लिए समर्पित कर दिया था।
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में रात-भर पैदल चलकर सुनते थे समस्याएं
सरयू राय ने पुराने दिनों को याद करते हुए कहा कि माधव लाल सिंह की कर्मठता अद्वितीय थी। उन्होंने बताया कि जब गोमिया का क्षेत्र उग्रवाद से बुरी तरह प्रभावित था, उस दौर में भी वे सुरक्षा की परवाह किए बिना रात-रात भर पैदल चलकर सुदूर गांवों में जाते थे और आदिवासियों की समस्याएं सुनते थे। सरयू राय के अनुसार, "वे सही मायने में जमीन से जुड़े नेता थे, जिन्हें जनता का दर्द महसूस होता था।"
समझौताविहीन राजनीति और सादगी की मिसाल
विधायक सरयू राय ने कहा कि माधव लाल सिंह की सबसे बड़ी ताकत उनकी ईमानदारी और सादा जीवन था। वे किसी भी कीमत पर अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करते थे। यही कारण था कि वे शासन-प्रशासन से भी टकराने में पीछे नहीं हटते थे, खासकर जब बात आदिवासियों और जरूरतमंदों की मदद की होती थी। सरयू राय ने कहा, "गरीब जनता उन्हें अपना सबसे बड़ा हमदर्द मानती थी, क्योंकि वे दिखावे की राजनीति से कोसों दूर थे।"
झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति
सरयू राय ने इस दुखद घड़ी में परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि माधव लाल सिंह का योगदान झारखंड के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा। उनके निधन को उन्होंने "एक युग का अंत" करार दिया। गौरतलब है कि माधव लाल सिंह के निधन के बाद से ही राज्य के कई दिग्गजों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है, लेकिन सरयू राय के भावुक शब्दों ने उनकी राजनीतिक शुचिता और संघर्षमय जीवन की एक स्पष्ट तस्वीर पेश की है।