Jharkhand Politics: झारखंड में आगामी जून महीने में होने वाले राज्यसभा चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन (INDIA ब्लॉक) के भीतर तकरार बढ़ती जा रही है. झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस, दोनों ही खाली हो रही दो सीटों पर अपना अधिकार जता रहे हैं. कांग्रेस की मांग है कि गठबंधन धर्म के नाते उसे कम से कम एक सीट मिलनी चाहिए, जबकि झामुमो दोनों ही सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने की योजना बना रहा है.
कांग्रेस का तर्क: इस बार समीकरण अलग हैं
कांग्रेस के झारखंड प्रभारी के. राजू ने पार्टी का पक्ष मजबूती से रखते हुए कहा कि वर्तमान में कांग्रेस पहले के मुकाबले अधिक शक्तिशाली स्थिति में है. उन्होंने याद दिलाया कि पिछले तीन राज्यसभा चुनावों के दौरान जब गठबंधन के पास केवल एक सीट जीतने का बहुमत था, तब हर बार वह सीट जेएमएम को दी गई थी. हालांकि, अब 81 सदस्यीय विधानसभा में गठबंधन के पास 56 विधायकों का समर्थन है, जो दोनों सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए काफी है, इसलिए कांग्रेस अपनी हिस्सेदारी चाहती है.
हेमंत सोरेन के साथ बैठक पर टिकी निगाहें
सीटों के इस विवाद को सुलझाने के लिए कांग्रेस नेतृत्व जल्द ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ औपचारिक चर्चा करेगा. के. राजू के अनुसार, पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद इंडिया गठबंधन के सहयोगियों की एक साझा बैठक बुलाई जाएगी. इस बैठक में चुनावी रणनीतियों और राज्यसभा सीटों के फॉर्मूले पर अंतिम मुहर लगने की उम्मीद है.
इन दो सीटों के लिए होना है मतदान
झारखंड की जिन दो सीटों पर चुनाव होने हैं, उनमें से एक सीट झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन के निधन के कारण रिक्त हुई है. दूसरी सीट भाजपा नेता दीपक प्रकाश का कार्यकाल समाप्त होने की वजह से खाली होगी. इन्हीं दो सीटों के जरिए अब झामुमो और कांग्रेस अपनी-अपनी राजनीतिक ताकत को राज्यसभा में बढ़ाने की जद्दोजहद कर रहे हैं.