Jharkhand News: झारखंड सरकार के महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग ने राज्य में संचालित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पारदर्शिता को सुदृढ़ करने के लिए एक व्यापक अभियान का आगाज़ किया है. इसके अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान केंद्र और राज्य सरकार की सभी योजनाओं के साथ-साथ मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना के लाभार्थियों का अनिवार्य भौतिक सत्यापन किया जाएगा. गुमला सहित विभिन्न जिलों में इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए गए हैं, जिसका प्राथमिक उद्देश्य अपात्र लोगों को सूची से हटाना और वास्तविक जरूरतमंदों को लाभ सुनिश्चित करना है.
डोर-टू-डोर अभियान के लिए बनाई गई विशेष टीमें
यह विशेष सत्यापन अभियान 25 मई तक पूरे राज्य में ग्रामवार और पंचायतवार स्तर पर चलाया जाएगा. पंचायत स्तर पर पंचायत सचिव को नोडल पदाधिकारी के रूप में नामित किया गया है, जबकि जनसेवक, रोजगार सेवक और आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका की टीमें घर-घर जाकर डेटा का मिलान करेंगी. इस प्रक्रिया के दौरान जिन लाभुकों के आधार या मोबाइल नंबर रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं हैं, उन्हें एकत्रित कर राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) पोर्टल पर अपडेट किया जाएगा. अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान अयोग्य पाए जाने वाले लोगों के नाम पोर्टल से स्थायी रूप से हटा दिए जाएंगे.
समय पर भुगतान के लिए दस्तावेज जमा करना अनिवार्य
जिला प्रशासन ने सभी लाभार्थियों से यह अपील की है कि वे निर्धारित समयावधि के भीतर अपना भौतिक सत्यापन अवश्य करा लें. इसके लिए लाभार्थियों को अपने आवश्यक दस्तावेज पंचायत सचिव या संबंधित सर्वेक्षण कर्मियों के पास जमा करने होंगे. इस पूरी कवायद का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केवल पात्र लाभुकों को ही डीबीटी (DBT) के माध्यम से उनकी पेंशन राशि बिना किसी तकनीकी बाधा के सीधे उनके बैंक खातों में समय पर प्राप्त होती रहे.
झारखंड की प्रमुख सामाजिक योजनाओं के लाभुक और आंकड़े
झारखंड में वर्तमान में करोड़ों लोग विभिन्न पेंशन और सम्मान योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं, जिनका सत्यापन किया जाना है. राज्य प्रायोजित योजनाओं में झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना सबसे बड़ी है, जिसमें 18 से 50 वर्ष की महिलाओं को प्रतिमाह 2500 रुपये दिए जाते हैं और इसके लाभार्थियों की संख्या 55,42,601 है.इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री राज्य वृद्धावस्था पेंशन के 27,01,017 और निराश्रित महिला सम्मान पेंशन के 5,01,079 लाभार्थी भी इस जांच के दायरे में आएंगे. केंद्र प्रायोजित योजनाओं के तहत इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन के 8,30,786 और विधवा पेंशन के 3,36,122 लाभार्थियों का भी डेटा पोर्टल पर अपडेट किया जाना प्रस्तावित है.