Jamshedpur: विश्व मजदूर दिवस के मौके पर जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल, डिमना में कार्यरत अस्थायी सफाई कर्मियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। अस्थायी सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले जुटे कर्मचारियों ने कहा कि वे पिछले 20 वर्षों से अधिक समय से लगातार अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद आज तक उन्हें स्थायी कर्मचारी का दर्जा नहीं मिल सका है। उनका आरोप है कि इतने लंबे समय तक काम करने के बावजूद सरकार की ओर से उनकी स्थिति सुधारने के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई, जिससे उनमें गहरी निराशा और असंतोष पनप रहा है।
सरकार के खिलाफ नारेबाजी, बार-बार गुहार के बावजूद नहीं मिला समाधान
प्रदर्शन के दौरान सफाई कर्मियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को दोहराया। उनका कहना था कि वे कई बार अपनी समस्याओं को लेकर झारखंड सरकार के समक्ष गुहार लगा चुके हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला, ठोस समाधान नहीं। इस लगातार हो रही अनदेखी ने कर्मचारियों के आक्रोश को और बढ़ा दिया है। मजदूर दिवस जैसे महत्वपूर्ण दिन पर उन्होंने यह संदेश देने की कोशिश की कि उनके अधिकारों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता और उन्हें उनका हक मिलना ही चाहिए।
मांग पूरी नहीं होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी
सफाई कर्मियों ने साफ तौर पर चेतावनी दी कि यदि उनकी स्थायीकरण की मांगों पर जल्द विचार नहीं किया गया, तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि अब तक शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखते आए हैं, लेकिन यदि सरकार ने जल्द निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन उग्र रूप ले सकता है। इस विरोध प्रदर्शन में रबि नामता, गिरीश, संतोषी मुखी, आशा, मीना, सुखमती, प्राणकी, चंपा, सुरु, गौतम, राजकिशोर और पूनम समेत बड़ी संख्या में सफाई कर्मी मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की।