Ranchi: रांची में जनगणना 2026 के पहले चरण ‘आवास गणना’ की औपचारिक शुरुआत करते हुए प्रधान जनगणना पदाधिकारी-सह-उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने अपने कार्यालय में स्वयं स्व-गणना (Self-Enumeration) फॉर्म भरकर इस राष्ट्रीय अभियान में भागीदारी निभाई। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जनगणना किसी भी देश के विकास की मजबूत नींव होती है, क्योंकि इसके जरिए जुटाए गए आंकड़े सरकार को योजनाएं बनाने और संसाधनों के सही वितरण में मदद करते हैं, जिससे विकास का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
हर नागरिक की भागीदारी जरूरी, सही जानकारी देने की अपील
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जनगणना केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही गणनाकार घर-घर पहुंचेंगे, ऐसे में सभी लोगों को सही, पूरी और सच्ची जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि छोटी-सी गलती या जानकारी छुपाने से पूरे अभियान की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। जनगणना के आंकड़ों के आधार पर ही शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी योजनाएं तैयार की जाती हैं, इसलिए इसमें पारदर्शिता बेहद जरूरी है।
स्व-गणना की सुविधा और गोपनीयता का भरोसा
उपायुक्त ने लोगों को स्व-गणना की सुविधा का अधिक से अधिक उपयोग करने के लिए प्रेरित किया और बताया कि 1 मई से 15 मई 2026 तक इच्छुक नागरिक ऑनलाइन माध्यम से भी अपना फॉर्म भर सकते हैं। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जनगणना के दौरान एकत्रित की जाने वाली सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी और उनका उपयोग केवल विकास योजनाओं के निर्माण के लिए ही किया जाएगा। रांची जिले में इस अभियान को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और प्रशिक्षित गणनाकार व पर्यवेक्षक अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय हो चुके हैं। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में सहयोग करने की अपील की है।