Jharkhand News: झारखंड में सरकारी योजनाओं की लेटलतीफी और खामियों को दूर करने के लिए “सीएम डैशबोर्ड 2.0” (एकीकृत डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म) लॉन्च किया जाएगा. इस तकनीक के माध्यम से मुख्यमंत्री सीधे अपने स्तर से सभी विभागों की परियोजनाओं की “रियल-टाइम” प्रगति देख सकेंगे. सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग (JAP-IT) इसके लिए विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार कर रहा है. इस प्लेटफॉर्म का मुख्य उद्देश्य डेटा के आधार पर त्वरित निर्णय लेना और योजनाओं के प्रदर्शन का मूल्यांकन तय मानकों पर करना है, ताकि भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हो और पारदर्शिता बढ़े.
एकीकृत डेटाबेस (UDDP) से लाभार्थियों को मिलेगी राहत
राज्य सरकार ने केंद्र और राज्य की योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए “यूनिफाइड डिजिटल डेटा प्लेटफॉर्म” (यूडीडीपी) की प्रक्रिया शुरू की है. यह प्लेटफॉर्म एक केंद्रीय डेटा बैंक की तरह काम करेगा, जहां विभिन्न विभागों का डेटा एक जगह उपलब्ध होगा. इससे विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनेगा और लाभार्थियों को सरकारी सेवाओं के लिए बार-बार अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. डेटा एक्सचेंज की इस सुविधा से योजनाओं के क्रियान्वयन में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा.
युवाओं के डिजिटल कौशल के लिए बनेगा “जेकेसीएल”
झारखंड नॉलेज कॉरपोरेशन लिमिटेड (JKCL) की स्थापना के जरिए राज्य में डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास का नया अध्याय शुरू होने जा रहा है. इसका गठन झारखंड सरकार, महाराष्ट्र नॉलेज कॉरपोरेशन (MKCL) और राज्य के विश्वविद्यालयों के संयुक्त सहयोग से किया जाएगा. इस उपक्रम में सरकार की 45% हिस्सेदारी होगी. जेकेसीएल का मुख्य ध्यान ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों के युवाओं को रोजगारोन्मुख डिजिटल कोर्सेज उपलब्ध कराना और राज्य के विश्वविद्यालयों को पूरी तरह डिजिटल बनाना होगा.
स्टार्टअप्स के लिए बनेंगे अत्याधुनिक इन्क्यूबेशन सेंटर
राज्य में स्टार्टअप कल्चर को बढ़ावा देने के लिए नई “झारखंड स्टार्टअप पॉलिसी-2023” के तहत इन्क्यूबेशन और इनोवेशन सेंटर बनाए जाएंगे. इन सेंटरों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और इलेक्ट्रॉनिक जैसी अत्याधुनिक लैब स्थापित की जाएंगी. इन सुविधाओं के जरिए उभरते हुए उद्यमियों को अपने उत्पादों के प्रोटोटाइप (नमूने) तैयार करने और परीक्षण करने के लिए विश्वस्तरीय वातावरण मिलेगा, जिससे झारखंड में नए निवेश और स्वरोजगार के रास्ते खुलेंगे.