पश्चिमी सिंहभूम जिले के गोइलकेरा स्थित प्लस टू हाई स्कूल में वित्तीय अनियमितता और अव्यवस्थाओं की जांच के बावजूद अब तक कार्रवाई नहीं होने से छात्रों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। शिकायतों के आधार पर जांच में गड़बड़ियों की पुष्टि होने के बावजूद माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से करीब डेढ़ महीने से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त चंदन कुमार के निर्देश पर बीडीओ विवेक कुमार और जिला शिक्षा पदाधिकारी ने जांच की थी। रिपोर्ट भी एक महीने पहले सौंप दी गई, लेकिन अब तक दोषियों पर कार्रवाई नहीं होने से छात्रों का भरोसा डगमगाने लगा है।
जांच में वित्तीय गड़बड़ी, फर्जी हस्ताक्षर और सुविधाओं की कमी का खुलासा
जांच के दौरान सामने आया कि 11वीं कक्षा के छात्रों के वैकल्पिक विषयों को जबरन बदल दिया गया और इसके लिए फॉर्म में फर्जी हस्ताक्षर तक किए गए। इसके अलावा छात्रों ने भ्रष्टाचार, पैसे के गबन, बुनियादी सुविधाओं की कमी और जाति-धर्म आधारित अपमानजनक टिप्पणियों जैसे गंभीर आरोप भी लगाए।
स्कूल में स्मार्ट बोर्ड तीन वर्षों से खराब पड़ा है, साफ पेयजल की व्यवस्था नहीं है, छात्राओं को सैनेटरी पैड नहीं दिए जाते और नामांकन के दौरान लिए गए पैसे के बावजूद बेल्ट, टाई व आईडी कार्ड उपलब्ध नहीं कराए गए।
गलत तरीके से HRA लेने का मामला, कार्रवाई के इंतजार में प्रशासन
जांच में यह भी सामने आया कि प्रभारी प्राचार्या लक्ष्मी सुंडी ने सरकारी आवास में रहने के बावजूद हाउस रेंट अलाउंस (HRA) लिया। इस मामले में उनसे जवाब भी तलब किया गया है।
टोनी प्रेमराज टोप्पो ने बताया कि पूरी जांच रिपोर्ट उपायुक्त को सौंप दी गई है और कार्रवाई के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को अनुशंसा भेजी गई है। फिलहाल अंतिम निर्णय निदेशालय स्तर से ही लिया जाना है।
छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। वहीं स्थानीय विधायक जगत माझी ने भी छात्रों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक ठोस पहल नहीं होने से व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।