National News: खाड़ी क्षेत्र के महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता के बीच भारत ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने कहा है कि इस क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए युद्धपोत भेजने के मुद्दे पर भारत और अमेरिका के बीच कोई द्विपक्षीय बातचीत नहीं हुई है.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोमवार को कहा कि कई देश इस विषय पर आपस में चर्चा कर रहे हैं, लेकिन भारत और अमेरिका के बीच इस मुद्दे पर अलग से कोई वार्ता नहीं हुई है. उन्होंने बताया कि भारत स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और विभिन्न देशों के साथ संपर्क में है. भारत का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में शांति बनाए रखना और समुद्री व्यापार को सुरक्षित रखना है.
ट्रंप ने देशों से युद्धपोत भेजने की अपील की
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में सोशल मीडिया के जरिए कई देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा में सहयोग देने की अपील की थी. उन्होंने चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन जैसे देशों का नाम लेते हुए कहा था कि इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को सुरक्षित और खुला बनाए रखने के लिए इन देशों को आगे आना चाहिए. हालांकि ट्रंप की इस अपील के बाद भी अभी तक किसी देश ने तुरंत युद्धपोत भेजने की घोषणा नहीं की है.
भारतीय एलपीजी टैंकर सुरक्षित होकर गुजरे
इस बीच भारत के दो एलपीजी टैंकर शिवालिक और नंदा देवी हाल ही में होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित होकर गुजर चुके हैं. इन दोनों जहाजों में करीब 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी भारत के लिए भेजा गया था.
बताया गया कि यह संभव तब हो पाया जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन के बीच बातचीत हुई. इसके अलावा विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के बीच भी लगातार संपर्क बना रहा.
जरूरत पड़ने पर भारतीय नौसेना देती है सुरक्षा
भारत ने अब तक होर्मुज जलडमरूमध्य या लाल सागर क्षेत्र में किसी बहुराष्ट्रीय नौसैनिक अभियान में शामिल होने का फैसला नहीं किया है. हालांकि भारतीय नौसेना अपने झंडे वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए समुद्र में तैनात रहती है. जरूरत पड़ने पर नौसेना जहाजों को सुरक्षा देते हुए उनके साथ चलती है और अन्य देशों की नौसेनाओं के साथ समन्वय भी बनाए रखती है.
खाड़ी क्षेत्र में मौजूद हैं 22 भारतीय जहाज
शिपिंग मंत्रालय के अनुसार फिलहाल फारस की खाड़ी में होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में भारत के 22 झंडे वाले जहाज मौजूद हैं. इन जहाजों पर कुल 611 भारतीय नाविक तैनात हैं. इनमें एलपीजी टैंकर, एलएनजी जहाज और कच्चे तेल के टैंकर शामिल हैं.
अधिकारियों ने बताया कि सभी नाविक सुरक्षित हैं और सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है.