Ranchi Breaking: राजधानी रांची में सोमवार को अचानक बदले मौसम के मिजाज ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है। तेज हवाओं और हल्की बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में पेड़ गिरने और बिजली के तार टूटने की खबरें आईं। सबसे भयावह मंजर कडरू मेन रोड पर देखने को मिला, जहां एक रेस्टोरेंट के रूफ टॉप पर लगा भारी-भरकम लोहे का शेड उखड़कर सीधे सड़क पर जा गिरा। इस घटना में सड़क किनारे खड़ी गाड़ियां क्षतिग्रस्त हो गईं, हालांकि गनीमत रही कि उस समय कोई व्यक्ति इसकी चपेट में नहीं आया।
कडरू में बाल-बाल बचे लोग, वाहनों को भारी नुकसान
कडरू स्थित सोरोस बार के ओपन रूफ टॉप में लगा विशाल शेड तेज हवा के दबाव को झेल नहीं सका और उखड़कर नीचे स्काई लाइन के सामने गिर पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब शेड गिरा तो इतना जोरदार धमाका हुआ कि आसपास के लोग दहशत में आ गए। सड़क किनारे खड़ी कारों और दोपहिया वाहनों पर मलबा गिरने से उनके शीशे टूट गए और बॉडी बुरी तरह पिचक गई। लोगों का कहना है कि अगर यह शेड चंद सेकंड पहले गिरता, तो वहां से गुजर रहे राहगीरों की जान जा सकती थी।
खतरे की जद में राजधानी: जर्जर होर्डिंग्स बने "मौत के फंदे"
यह हादसा रांची के विभिन्न इलाकों में लगे असुरक्षित होर्डिंग्स और ऊंचे ढांचों की ओर इशारा करता है। शहर के व्यस्त चौराहों और मुख्य सड़कों पर दर्जनों ऐसे बड़े बैनर और लोहे के फ्रेम लगे हैं, जो बरसों पुराने हो चुके हैं। इनमें से कई तकनीकी रूप से कमजोर हैं और तेज हवा चलने पर खतरनाक तरीके से हिलते रहते हैं। मानसून से पहले की इन तेज हवाओं ने स्पष्ट कर दिया है कि ये ढांचे किसी भी वक्त गिरकर बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।
नगर निगम की चुप्पी और बढ़ता जोखिम
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में और भी तेज आंधी-बारिश की संभावना जताई है, जिससे यह खतरा और गहरा गया है। इस स्थिति के बावजूद रांची नगर निगम की ओर से इन ढांचों की मजबूती की लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। शहरवासियों ने मांग की है कि प्रशासन को तुरंत सभी विज्ञापनों और शेड का स्ट्रक्चरल ऑडिट कराना चाहिए। जर्जर हो चुके होर्डिंग्स को तुरंत हटाया जाना चाहिए ताकि भविष्य में किसी की जान न जाए।