Jamshedpur News: वैश्विक युद्ध की स्थितियों के कारण उत्पन्न हुए एलपीजी (LPG) गैस संकट ने घरेलू रसोई का बजट और व्यवस्था दोनों बिगाड़ दी है. गैस की किल्लत और अनिश्चितता के डर से लोग अब तेजी से बिजली से चलने वाले इंडक्शन स्टोव की ओर रुख कर रहे हैं. मांग में आई इस अचानक तेजी ने बाजार में इंडक्शन की किल्लत पैदा कर दी है और कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है.
दामों में 30 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी, ब्रांडेड सामान आउट ऑफ स्टॉक
बाजार में इंडक्शन स्टोव की मांग इतनी बढ़ गई है कि प्रतिष्ठित कंपनियों के ब्रांडेड मॉडल पूरी तरह स्टॉक से बाहर (Out of Stock) हो गए हैं. जो इंडक्शन पहले 1800 रुपए के आसपास मिल जाते थे, उनकी कीमत अब बढ़कर 2400 रूपए तक पहुंच गई है. वहीं, 2800 से 4500 रूपए की रेंज वाले प्रीमियम ब्रांडेड इंडक्शन की भारी मांग है, लेकिन शोरूम और दुकानों में ये उपलब्ध ही नहीं हैं. स्थिति यह है कि ग्राहकों को अब लोकल ब्रांड्स पर निर्भर होना पड़ रहा है, जिनकी मांग में भी अभूतपूर्व तेजी देखी जा रही है.
दो दिन में बिका महीने भर का स्टॉक
इलेक्ट्रॉनिक्स और किचन वेयर के थोक विक्रेताओं के अनुसार, बाजार की स्थिति पिछले कुछ दिनों में पूरी तरह बदल गई है. विक्रेताओं का कहना है कि सामान्य दिनों में जहां पूरे महीने में मुश्किल से 20 इंडक्शन की बिक्री हो पाती थी, वहीं मौजूदा संकट के दौरान महज दो दिनों के भीतर ही 35 से ज्यादा इंडक्शन बिक गए. यह उछाल साफ तौर पर एलपीजी गैस की सप्लाई में आई बाधा और भविष्य की आशंकाओं का परिणाम है.
लोकल ब्रांड्स का सहारा ले रहे उपभोक्ता
ब्रांडेड विकल्पों की अनुपलब्धता के कारण अब उपभोक्ता मजबूरन स्थानीय या कम प्रसिद्ध ब्रांड के इंडक्शन स्टोव खरीद रहे हैं. दुकानदारों का कहना है कि स्टॉक खत्म होने की वजह से वे नए ऑर्डर तो दे रहे हैं, लेकिन पीछे से सप्लाई चेन बाधित होने के कारण नया माल आने में देरी हो रही है. इससे न केवल इंडक्शन बल्कि उससे जुड़े बर्तनों की बिक्री में भी इजाफा देखा जा रहा है.