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  • 2026-03-11

Jharkhand News: लापता बेटे के मामले में हाईकोर्ट सख्त, चतरा एसपी से मांगी जांच रिपोर्ट, पुलिस के दो अधिकारी निलंबित

Jharkhand News: झारखंड हाईकोर्ट में एक युवक के कथित लापता होने से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं. अदालत ने मामले में पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए चतरा के पुलिस अधीक्षक को विस्तृत जांच करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि जांच पूरी कर 19 मार्च 2026 तक रिपोर्ट पेश की जाए.


यह मामला चतरा जिले की रहने वाली अख्तरी खातून की ओर से दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण (हेबियस कॉर्पस) याचिका से जुड़ा है. उन्होंने अदालत से गुहार लगाई थी कि उनका बेटा लापता है और उसे खोजा जाए.


हाईकोर्ट में हुई सुनवाई
इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद और न्यायमूर्ति दीपक रोशन की खंडपीठ ने की. सुनवाई के दौरान अदालत के निर्देश पर चतरा के एसपी सुमित कुमार अग्रवाल भी कोर्ट में उपस्थित हुए और मामले से जुड़ी जानकारी दी.

पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई
एसपी ने कोर्ट को बताया कि इस मामले में टंडवा थाना के थाना प्रभारी अनिल उरांव और जांच अधिकारी अमित कुमार को निलंबित कर दिया गया है. दोनों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है.

कांस्टेबल के पत्र से खुला नया पहलू
सुनवाई के दौरान टंडवा थाना के एक कांस्टेबल द्वारा लिखे गए पत्र का भी जिक्र हुआ. पत्र में बताया गया था कि अख्तरी खातून के बेटे को उसके मामा मोहम्मद गुलाम के हवाले कर दिया गया था. मोहम्मद गुलाम सिमरिया थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं.

बेटे के घर लौटने की बात आई सामने
सुनवाई के दौरान अख्तरी खातून ने अदालत को बताया कि उनका बेटा 6 फरवरी 2026 को घर वापस आ गया था. वहीं मोहम्मद गुलाम भी अदालत में मौजूद थे. उन्होंने कहा कि जब याचिका दायर की गई थी, उस समय अख्तरी खातून उनके साथ नहीं थीं, बल्कि अपने रिश्तेदार मोहम्मद अब्दुल हकीम के साथ कोर्ट आई थीं. इस बात की पुष्टि उनके पूर्व अधिवक्ता भास्कर त्रिवेदी ने भी की.

कोर्ट ने उठाए गंभीर सवाल
सुनवाई के दौरान अदालत ने कई अहम सवाल उठाए. कोर्ट ने पूछा कि यदि 31 जनवरी 2026 को ही युवक को उसके मामा के पास भेज दिया गया था, तो 4 फरवरी को बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल करने की जरूरत क्यों पड़ी. इस सवाल का स्पष्ट जवाब किसी की ओर से नहीं दिया जा सका.

तथ्यों को छिपाने की आशंका
मामले की परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत होता है कि इस मामले में कुछ महत्वपूर्ण जानकारी अदालत से छिपाई गई है. इसलिए पूरे मामले की गहराई से जांच कर सच्चाई सामने लाना जरूरी है.

अगली सुनवाई 19 मार्च को
हाईकोर्ट ने चतरा के एसपी को मामले की जांच कर 19 मार्च तक रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया है. साथ ही अगली सुनवाई के दिन अख्तरी खातून, मोहम्मद गुलाम और मोहम्मद अब्दुल हकीम को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 19 मार्च 2026 को होगी.

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