Garhwa: गढ़वा के विधायक सत्येंद्रनाथ तिवारी की कानूनी परेशानियां एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। रांची स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने बहुचर्चित अलकतरा घोटाला मामले में उनके खिलाफ आरोप तय कर दिया हैं। अदालत के इस फैसले के बाद मामले की सुनवाई अब नए चरण में प्रवेश कर गई है।
मामला छत्तरपुर-जपला सड़क निर्माण परियोजना से जुड़ा
जानकारी के अनुसार, यह मामला छत्तरपुर-जपला सड़क निर्माण परियोजना से जुड़ा है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 32 किलोमीटर बताई जाती है। इस सड़क निर्माण का ठेका करीब 7 करोड़ रुपये की लागत से सत्येंद्रनाथ तिवारी की कंपनी "कलावती कंस्ट्रक्शन" के नाम पर लिया गया था।
करीब 2 करोड़ 24 लाख रुपये की अवैध निकासी हुई
आरोप है कि निर्माण कार्य के दौरान 61 फर्जी बिल प्रस्तुत कर लगभग 1200 मीट्रिक टन अलकतरा की आपूर्ति दर्शाई गई। जांच एजेंसी का दावा है कि इन कथित फर्जी बिलों के आधार पर करीब 2 करोड़ 24 लाख रुपये की अवैध निकासी की गई।
20 फरवरी से गवाही की प्रक्रिया शुरू
बता दें कि इसी मामले में वर्ष 2012 में सत्येंद्रनाथ तिवारी को जेल भी जाना पड़ा था। अब एक बार फिर यह प्रकरण सुर्खियों में है। अदालत ने मामले में 20 फरवरी से गवाही की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है और सीबीआई को अपने गवाह पेश करने के निर्देश दिए हैं।