Mumbai: मायानगरी में बॉलीवुड हस्तियों को लगातार मिल रही धमकियों ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। लॉरेंस बिश्नोई गैंग की बढ़ती सक्रियता और फिल्मी सितारों को मिली ताजी धमकियों के बाद मुंबई पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में है। सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस मुख्यालय में एक हाई-प्रोफाइल बैठक आयोजित की गई।
पुलिस मुख्यालय में रणनीति पर मंथन
पुलिस मुख्यालय में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक में जॉइंट कमिश्नर, डीसीपी और एसीपी स्तर के दिग्गज अधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु बिश्नोई गैंग का नेटवर्क ध्वस्त करना था। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस अब केवल सुरक्षा देने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि धमकियों के सोर्स और गिरोह के स्लीपर सेल्स को ट्रैक कर उन पर निर्णायक प्रहार करने की तैयारी में है।
मुख्यमंत्री की चेतावनी, बख्शे नहीं जाएंगे अपराधी
यह सक्रियता मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के उस कड़े बयान के बाद आई है, जिसमें उन्होंने साफ किया था कि राज्य में कानून का राज चलेगा। मुख्यमंत्री ने पुलिस को फ्री-हैंड देते हुए कहा है कि धमकी देने वाले चाहे कहीं भी छिपे हों, मुंबई पुलिस उन्हें पाताल से भी ढूंढ निकालेगी। शासन के इस सख्त रुख ने पुलिस महकमे में नई ऊर्जा भर दी है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और खुफिया अलर्ट
मुंबई पुलिस ने अपनी रणनीति के तहत निम्नलिखित कदम उठाए हैं, VVIP सुरक्षा खतरे की जद में आए सितारों के आवास और शूटिंग लोकेशन्स पर सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया गया है। इंटेलिजेंस एक्टिवेशन, शहर के खुफिया तंत्र और एंटी-एक्सटॉर्शन सेल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। तकनीकी निगरानी, सोशल मीडिया और डार्क वेब पर होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर साइबर सेल कड़ी नजर रख रही है।
मुंबई पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि शहर की सुरक्षा और नागरिकों का भरोसा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिश्नोई गैंग की चुनौतियों का सामना करने के लिए पुलिस अब रक्षात्मक के बजाय आक्रामक रुख अपना रही है।