Jharkhand News: झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने राज्य के सभी जिलों के उप निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की. उन्होंने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण कार्य को गति देने और इसे पूरी तरह शुद्ध बनाने के निर्देश दिए. बैठक में उन्होंने जोर दिया कि पुनरीक्षण की औपचारिक शुरुआत से पहले सभी तैयारियां मुकम्मल कर ली जाएं ताकि प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके.
दस्तावेजों का सत्यापन और अद्यतन करने पर जोर
बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि अन्य राज्यों से झारखंड के मतदाताओं के सत्यापन हेतु जो दस्तावेज प्राप्त हो रहे हैं, उनकी जांच प्राथमिकता के आधार पर की जाए. उन्होंने निर्देश दिया कि संबंधित राज्यों को समय पर प्रतिवेदन भेजा जाए. इसके अलावा, पैतृक मैपिंग के साथ-साथ अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत और डुप्लीकेट मतदाताओं की गहनता से पहचान कर सूची को अपडेट करने को कहा गया है.
धुंधली तस्वीरों को हटाने और तकनीकी सुविधाओं का निर्देश
मतदाता सूची की गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि सूची में एक भी धुंधली तस्वीर लंबित नहीं रहनी चाहिए. बीएलओ को अपने ऐप के माध्यम से मतदाताओं की स्पष्ट और रंगीन फोटो अपलोड करने के निर्देश दिए गए हैं. साथ ही, मतदाताओं की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ECINET के “बुक ए कॉल विथ बीएलओ” फीचर का प्रभावी उपयोग करने पर बल दिया गया. बैठक में संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार सहित कई अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए.
मतदाता सूची का पुनरीक्षण निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव की पहली सीढ़ी है. मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी का अन्य राज्यों के साथ समन्वय और “सत्यापन प्रतिवेदन” पर जोर देना यह दर्शाता है कि निर्वाचन आयोग बोगस वोटिंग और दोहरी प्रविष्टि को लेकर गंभीर है. तकनीक का उपयोग, जैसे कि बीएलओ ऐप और “बुक ए कॉल” फीचर, न केवल प्रक्रिया को आधुनिक बनाता है बल्कि मतदाताओं की शिकायतों के निवारण में लगने वाले समय को भी कम करता है. तस्वीरों की स्पष्टता सुनिश्चित करना पहचान पत्र की विश्वसनीयता बढ़ाने की दिशा में एक जरूरी कदम है.