Jharkhand News: झारखंड में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट से जुड़े एक मामले में राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. सरकार ने उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें झारखंड हाईकोर्ट ने 10 साल की सजा पाए दोषी सुग्रीम पूरन को जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया था. सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की सुनवाई अप्रैल महीने में तय की गई है.
वाहन से भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद
मामला वर्ष 2023 का है, जब सरायकेला पुलिस ने एक वाहन से भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद किया था. पुलिस को उस गाड़ी से करीब 100 किलोग्राम पोपी पाउडर और 60 किलोग्राम पोपी स्ट्रॉ मिला था. जांच के दौरान पता चला कि जिस वाहन से ये सामान जब्त किया गया था, वह सुग्रीम पूरन के नाम से रजिस्टर्ड था.
हालांकि, घटना के समय पुलिस सुग्रीम पूरन को गिरफ्तार नहीं कर पाई थी. बाद में नवंबर 2023 में उसे गिरफ्तार किया गया. गिरफ्तारी के बाद से ही वह जेल में बंद था. इस मामले की सुनवाई करते हुए सरायकेला की निचली अदालत ने वर्ष 2025 में फैसला सुनाया और सुग्रीम पूरन को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा दी. इसके साथ ही उस पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया.
झारखंड हाईकोर्ट में अपील दायर की, जो अभी भी विचाराधीन
निचली अदालत के इस फैसले के खिलाफ सुग्रीम पूरन ने झारखंड हाईकोर्ट में अपील दायर की, जो अभी भी विचाराधीन है. इसी दौरान पूरन की ओर से अंतरिम आवेदन (आईए) दाखिल कर जमानत की मांग की गई थी.
इस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट के न्यायाधीश रंगोन मुखोपाध्याय और न्यायाधीश प्रदीप कुमार श्रीवास्तव की खंडपीठ ने नवंबर 2025 में पूरन को जमानत देने का आदेश जारी किया था. हाईकोर्ट के इस फैसले से असंतुष्ट राज्य सरकार ने अब सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर कर जमानत रद्द करने की मांग की है. अब इस मामले में अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के बाद ही तय होगा.