Jamshedpur News: जमशेदपुर में टाटानगर रेलवे स्टेशन से बागबेड़ा और कीताडीह की ओर रेलवे भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ शुक्रवार को बड़ा अभियान चलाया गया. यह कार्रवाई रेलवे की री-डेवलपमेंट योजना के तहत की गई.
सुबह से तैनात रहा भारी पुलिस बल
शुक्रवार सुबह से ही स्टेशन क्षेत्र में जिला पुलिस और रेलवे पुलिस के विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी तैनात रहे. सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. अतिक्रमण हटाने के दौरान किसी भी तरह का विरोध सामने नहीं आया और पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी की गई.
पहले ही हो चुका था सीमांकन और नोटिस
प्रशासन की ओर से कार्रवाई से पहले सीमांकन और मार्किंग का काम पूरा कर लिया गया था. स्टेशन चौक से कीताडीह जाने वाले मार्ग बीएसएनएल कार्यालय के आसपास बागबेड़ा मार्ग और गोलपहाड़ी गोलचक्कर के पास स्थित शराब दुकान सहित कुल 32 दुकान और मकानों को हटाया जाना था. इनमें 27 दुकान और पांच मकान शामिल हैं. सभी को पहले ही नोटिस जारी कर खाली करने का निर्देश दिया गया था.
आज 17 दुकानों पर चला बुलडोजर
जानकारी के अनुसार 27 दुकानों को नोटिस दिया गया था जिनमें से शुक्रवार को 17 दुकानों पर बुलडोजर की कार्रवाई की गई. तीन बुलडोजर लगाए गए थे. रेलवे पुलिस के साथ जिला पुलिस के जवान बड़ी संख्या में मौके पर मौजूद थे. कार्रवाई के दौरान मजिस्ट्रेट भी तैनात रहे.
10 दुकानों ने हाईकोर्ट का लिया सहारा
जिन 10 दुकानों पर आज बुलडोजर नहीं चला है उनके संचालकों ने हाईकोर्ट में स्थगन के लिए अर्जी दाखिल की है. इस मामले पर सोमवार को सुनवाई होनी है. अब आगे की कार्रवाई पूरी तरह कोर्ट के फैसले पर निर्भर करेगी.
नवंबर से मिल रहा था समय
जानकारी के अनुसार 10 नवंबर को पहली बार दुकानदारों को नोटिस दिया गया था और सभी को एक महीने का समय दिया गया था. इसके बाद रेलवे की ओर से उस समय कोई कार्रवाई नहीं की गई. फिर 5 जनवरी को बुलडोजर चलने की चर्चा हुई लेकिन उस दिन भी कार्रवाई नहीं हो सकी. गुरुवार देर शाम रेलवे ने माइक से घोषणा कर दी थी कि शुक्रवार को अतिक्रमण हटाया जाएगा. इसके बाद आज फोर्स और बुलडोजर के साथ कार्रवाई की गई.
रोजी-रोटी पर संकट की चिंता
अतिक्रमण हटाए जाने के बाद दुकानदारों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है. दुकानदारों का कहना है कि वे पिछले 40 से 50 वर्षों से नियमित रूप से किराया देकर दुकान चला रहे थे. दुकानों के हटने से कर्मचारियों का रोजगार भी प्रभावित होगा. दुकानदारों की मांग है कि रेलवे का री-डेवलपमेंट कार्य हो लेकिन उन्हें दुकान संचालन के लिए वैकल्पिक जगह दी जाए. कार्रवाई के दौरान कई दुकानदारों की आंखों में आंसू देखे गए.
दुकानदारों के सामने आजीविका का बड़ा संकट
टाटानगर स्टेशन क्षेत्र में हुई यह कार्रवाई रेलवे के री-डेवलपमेंट प्लान को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम मानी जा रही है. हालांकि वर्षों से कारोबार कर रहे दुकानदारों के सामने आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो गया है. अब इस मामले में हाईकोर्ट का निर्णय यह तय करेगा कि शेष दुकानों पर आगे क्या रुख अपनाया जाएगा और प्रभावित लोगों को किसी तरह की राहत मिलती है या नहीं.