Seraikela News: सरायकेला-खरसावां जिले के कांड्रा स्थित Amalgam Steel And Power Limited के मुख्य गेट पर गुरुवार को कालिंदी परिवारों का आक्रोश खुलकर सामने आया। महिलाएं, पुरुष और छोटे बच्चों के साथ बड़ी संख्या में लोग धरने पर बैठ गए। प्रदर्शनकारियों ने कंपनी के साथ-साथ झारखंड सरकार और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल उठाए।
2003 में ली गई जमीन, 13 साल बाद भी नहीं मिला रोजगार
धरने पर बैठे लोगों का आरोप है कि वर्ष 2003 में विकास और रोजगार के नाम पर उनकी जमीन अधिग्रहित की गई थी। उस समय प्रभावित परिवारों को नौकरी देने और बेहतर भविष्य का भरोसा दिलाया गया था। लेकिन वर्षो बीत जाने के बाद भी कई परिवार बेरोजगार हैं। जिन लोगों ने उद्योग के लिए अपनी जमीन गंवाई, आज वही अपने अधिकार की लड़ाई लड़ने को मजबूर हैं।
मुनाफे में व्यस्त कंपनी, विस्थापित परिवारों को किया नजरअंदाज
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कंपनी ने उत्पादन और मुनाफे को प्राथमिकता दी, जबकि जमीन देने वाले परिवारों के भविष्य को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। लोगों ने जिला प्रशासन पर भी सिर्फ आश्वासन देने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि अगर प्रशासन चाहता तो वर्षों पहले इस मामले का समाधान निकल सकता था, लेकिन गरीब परिवारों की आवाज लगातार दबाई जाती रही।
अब आश्वासन नहीं, रोजगार या जमीन वापसी चाहिए
धरनास्थल से प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि अब केवल वादों से काम नहीं चलेगा। उनकी मांग है कि प्रभावित परिवारों को तत्काल रोजगार दिया जाए या फिर उनकी जमीन वापस की जाए। लोगों ने चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।