Back to Top

Facebook WhatsApp Telegram YouTube Instagram
Push Notification

🔔 Enable Notifications

Subscribe now to get the latest updates instantly!

Jharkhand News26 – fastest emerging e-news channel.
  • 2026-06-02

Seraikela News: सरायकेला में पेसा नियमावली 2025 पर ग्लोबल पंचायत राउंड टेबल कॉन्क्लेव आयोजित

Seraikela: समाहरणालय सभागार में मंगलवार को पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों पर विस्तार) झारखंड नियमावली, 2025 (पेसा नियमावली 2025) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर ग्लोबल पंचायत राउंड टेबल कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उप विकास आयुक्त रीना हांसदा ने की। इस अवसर पर निदेशक डीआरडीए अजय तिर्की, निदेशक आईटीडीए उषा मुंडू, जिला पंचायती राज पदाधिकारी गोपी उरांव सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, कर्मी, सिविल सोसाइटी संगठनों के प्रतिनिधि और अन्य हितधारक उपस्थित रहे।

पेसा नियमावली की जानकारी साझा करने पर दिया गया बल
कार्यक्रम की शुरुआत में प्रभारी जिला पंचायती राज पदाधिकारी गोपी उरांव ने स्वागत संबोधन देते हुए कहा कि पेसा नियमावली 2025 के संबंध में पंचायत प्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों और समुदाय के बीच समुचित समझ विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य पेसा कानून के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी साझा करना तथा इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सभी पक्षों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।

ग्रामसभा के अधिकार और भूमिका पर हुई विस्तृत चर्चा
कार्यशाला में राज्य स्तरीय प्रशिक्षक ने पेसा नियमावली 2025 के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने ग्रामसभा की शक्तियों, अधिकारों, दायित्वों और उसकी भूमिका पर प्रकाश डाला। साथ ही अनुसूचित क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन को मजबूत बनाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, स्थानीय विकास योजनाओं में सामुदायिक सहभागिता सुनिश्चित करने तथा ग्रामसभा की निर्णय प्रक्रिया को प्रभावी बनाने संबंधी प्रावधानों की जानकारी दी।

जागरूकता की कमी और भ्रांतियों को दूर करना जरूरी- रीना हांसदा
अपने अध्यक्षीय संबोधन में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा ने कहा कि पेसा कानून को लेकर लोगों में उत्साह तो है, लेकिन इसके प्रावधानों के संबंध में जागरूकता की कमी और कई तरह की भ्रांतियां भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि पेसा नियमावली के सफल क्रियान्वयन के लिए जनसामान्य के बीच सही और तथ्यात्मक जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि पेसा कानून के तहत ग्रामसभा और ग्राम प्रधान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ग्रामसभा स्थानीय स्वशासन की आधारभूत इकाई है, जो अनुसूचित क्षेत्रों में विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, स्थानीय संसाधनों के संरक्षण और सामुदायिक हितों की रक्षा में अहम भूमिका निभाती है।

विभागीय समन्वय से ही सफल होगा पेसा का क्रियान्वयन
डीडीसी ने सभी विभागीय पदाधिकारियों और कर्मियों को पेसा नियमावली के सभी प्रावधानों को अच्छी तरह समझने तथा अपने कार्यक्षेत्र में इसके प्रभावी अनुपालन को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और सहयोग से ही पेसा कानून की मूल भावना को धरातल पर उतारा जा सकता है। उन्होंने सिविल सोसाइटी संगठनों और सहयोगी संस्थाओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ये संस्थाएं समुदाय के बीच जागरूकता बढ़ाने, संवाद स्थापित करने और पेसा कानून को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

सुझावों और सवालों के साथ संपन्न हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम के दौरान पेसा नियमावली 2025 के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए पंचायत प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, विभागीय कर्मियों और सामुदायिक संगठनों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया। उपस्थित लोगों से अपने-अपने क्षेत्रों में पेसा कानून के प्रति जागरूकता फैलाने और ग्रामसभा को सशक्त बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की गई।

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों, पंचायत प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों से सुझाव और विचार आमंत्रित किए गए। इस दौरान प्रतिभागियों ने नियमावली के विभिन्न प्रावधानों, ग्रामसभा की भूमिका, अधिकारों और व्यवहारिक क्रियान्वयन से जुड़े कई प्रश्न पूछे। राज्य स्तरीय प्रशिक्षक ने सभी जिज्ञासाओं का विस्तारपूर्वक समाधान किया तथा प्रतिभागियों को अपने क्षेत्रों में पेसा कानून के प्रति जागरूकता फैलाने और ग्रामसभाओं को मजबूत बनाने के लिए प्रेरित किया।
WhatsApp
Connect With WhatsApp Cannel !