Ranchi: झारखंड के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान से एक बाल कैदी के फरार होने की सनसनीखेज घटना सामने आई है। इस घटना ने न केवल रिम्स प्रबंधन, बल्कि कैदियों की निगरानी में तैनात पुलिस बल की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
क्या है पूरा मामला
मिली जानकारी के अनुसार, बाल सुधार गृह में रह रहे एक किशोर कैदी ने अचानक पेट दर्द की शिकायत की थी। बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रशासन द्वारा उसे आनन-फानन में रिम्स के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार चल रहा था। इसी दौरान, सुरक्षाकर्मियों की आंखों में धूल झोंककर वह मौका पाकर अस्पताल परिसर से रफूचक्कर हो गया।
सुरक्षा में भारी चूक
प्रारंभिक जांच में इसे गंभीर लापरवाही माना जा रहा है। अस्पताल जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके में किसी कैदी का भाग जाना सुरक्षा घेरे की कमजोरी को दर्शाता है। बताया जा रहा है कि फरार होने के वक्त सुरक्षाकर्मी वहां तैनात थे, लेकिन किशोर ने उनकी लापरवाही का फायदा उठाया और भीड़ का हिस्सा बनकर गायब हो गया।
प्रशासनिक कार्रवाई और तलाश जारी
घटना के तुरंत बाद अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे। अस्पताल के चप्पे-चप्पे और नजदीकी बस स्टैंड व रेलवे स्टेशनों पर नाकेबंदी कर दी गई है। पुलिस रिम्स परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है ताकि फरार कैदी के भागने की दिशा का पता लगाया जा सके। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों से पूछताछ की जा रही है कि आखिर उनकी मौजूदगी में यह चूक कैसे हुई। प्रशासन ने दावा किया है कि जल्द ही आरोपी को दोबारा हिरासत में ले लिया जाएगा, लेकिन इस घटना ने रिम्स की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बड़ा प्रश्न चिन्ह लगा दिया है।