Ranchi News : झारखंड में 108 एम्बुलेंस सेवा को लेकर भाजपा ने स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि एम्बुलेंस सेवा के संचालन में पारदर्शिता नहीं बरती गई और पूरी व्यवस्था पक्षपात की वजह से प्रभावित हुई है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से चयन प्रक्रिया और टेंडर को लेकर कई सवालों के जवाब मांगे हैं।
भाजपा का आरोप है कि वर्ष 2023 में 108 एम्बुलेंस सेवा का संचालन जीवीके सर्विसेज के पास था, लेकिन इरफान अंसारी के स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद यह जिम्मेदारी पटना की सम्मान फाउंडेशन को सौंप दी गई। अजय साह ने कहा कि यदि संस्था का चयन पूरी तरह नियमों के तहत हुआ है, तो सरकार को सार्वजनिक रूप से बताना चाहिए कि किस तकनीकी मूल्यांकन, वित्तीय मानदंड और चयन प्रक्रिया के आधार पर यह निर्णय लिया गया।
टेंडर, एम्बुलेंस की गुणवत्ता और भुगतान की जांच की मांग
भाजपा ने यह भी सवाल उठाया कि दिसंबर 2025 में स्वास्थ्य मंत्री द्वारा सम्मान फाउंडेशन को हटाने की घोषणा के बावजूद मई 2026 तक उसी संस्था से काम क्यों लिया जाता रहा। साथ ही नए टेंडर की अंतिम तिथि बार-बार बढ़ाए जाने पर भी संदेह जताते हुए इसे किसी विशेष कंपनी को लाभ पहुंचाने की कोशिश बताया।
अजय साह ने एम्बुलेंस खरीद प्रक्रिया पर भी सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि जिन एम्बुलेंसों की खरीद हुई, उनकी बॉडी ऐसी कंपनी से तैयार कराई गई जिसे मुख्य रूप से बस बॉडी निर्माण का अनुभव था। भाजपा का दावा है कि इसी कारण कई एम्बुलेंस बार-बार खराब हो रही हैं और ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी सेवा नहीं दे पा रही हैं।
भाजपा ने मांग की है कि एम्बुलेंस खरीद प्रक्रिया, टेंडर और सम्मान फाउंडेशन को किए गए सभी भुगतानों की स्वतंत्र जांच कराई जाए। साथ ही एम्बुलेंस चालकों और कर्मचारियों का बकाया वेतन जल्द जारी करने तथा पूरे मामले में जवाबदेही तय करने की भी मांग की है।