RBI New Deposit Rules: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंक डिपॉजिट पर मिलने वाले ब्याज से जुड़े नियमों में बदलाव किया है. नए नियमों का उद्देश्य ब्याज दरों में पारदर्शिता बढ़ाना और सभी ग्राहकों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करना है. ये नए नियम 1 अक्टूबर 2026 से लागू होंगे.
हर सुबह वेबसाइट पर बतानी होगी ब्याज दर
अब सभी बैंकों को अपनी वेबसाइट पर जमा योजनाओं की ब्याज दरें रोजाना अपडेट करनी होंगी. हर कार्य दिवस सुबह 10 बजे तक नई दरें जारी करना अनिवार्य होगा. जरूरत पड़ने पर अधिकतम 10 मिनट की छूट मिलेगी, लेकिन हर हाल में सुबह 10:10 बजे तक जानकारी सार्वजनिक करनी होगी.
सभी ग्राहकों के लिए एक जैसी ब्याज दर
RBI ने साफ किया है कि एक ही तरह की जमा राशि पर बैंक अलग-अलग शाखाओं में अलग ब्याज दर नहीं दे सकते. यानी एक ही बैंक की सभी शाखाओं में एक जैसी जमा योजना पर समान ब्याज दर लागू होगी. इससे ग्राहकों के साथ भेदभाव की संभावना खत्म होगी.
बल्क डिपॉजिट पर रहेगी छूट
हालांकि, बड़े यानी बल्क डिपॉजिट के मामले में बैंकों को पहले की तरह कुछ लचीलापन मिलेगा. ब्याज दर तय करते समय बैंक RBI के एसेट-लायबिलिटी मैनेजमेंट (ALM) और लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो (LCR) से जुड़े नियमों का पालन करेंगे.
1 अक्टूबर से क्या नहीं बदलेगा?
नई गाइडलाइन का मतलब यह नहीं है कि 1 अक्टूबर से फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरें बढ़ेंगी या घटेंगी. ब्याज दर तय करने का अधिकार पहले की तरह बैंकों के पास ही रहेगा. बैंक अपनी जरूरत, बाजार की स्थिति और फंड की उपलब्धता के आधार पर दरें तय करते रहेंगे.
जमाकर्ताओं को क्या होगा फायदा?
इन बदलावों से ग्राहकों को हर बैंक की ब्याज दरों की सही और समय पर जानकारी मिलेगी. साथ ही सभी शाखाओं में समान दर लागू होने से पारदर्शिता बढ़ेगी और बैंकिंग व्यवस्था पहले से अधिक भरोसेमंद बनेगी.